CJP Protest में अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। रत्ना सिंह वकीलों के साथ मौजूद रहेंगी। जानें SIR विवाद और जंतर-मंतर पर CJP के नए प्रदर्शन का पूरा अपडेट।

CJP Delhi Protest: राजधानी नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है। वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रमुख नेताओं को हिरासत में लेने के बाद अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। CJP के मुख्य नेताओं-अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को आज दूसरे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। तीनों को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था। वे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे।

CJP Protest: सुबह 9 बजे पेशी, वकीलों की टीम रखेगी पक्ष

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि तीनों नेताओं को सुबह 9 बजे दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उनके मुताबिक, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। रत्ना सिंह ने कहा कि पार्टी की लीगल हेड होने के नाते वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन में मौजूद रहेंगी और नेताओं का पक्ष रखेंगी। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर की अगुवाई वाली टीम भी कानूनी पक्ष रख सकती है।

SIR विवाद: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CJP का विरोध मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और SIR प्रक्रिया को लेकर है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इसी कार्रवाई के दौरान यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी।

जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करेगी CJP

CJP ने आज एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले शनिवार को प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत की कार्रवाई हुई थी। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया और कई को बाद में छोड़ दिया गया। अब नजर तीनों नेताओं की पेशी और CJP के नए मार्च पर है। पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पेशी के बाद क्या फैसला होता है और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक पहुंच पाते हैं या नहीं, यह आगे की स्थिति से साफ होगा।