AI Course : AI में बनाना है करियर तो करें कौन कौन से कोर्स? IIT मंडी का सिलेबस और AI कोर्स में क्या है खास? कितने समय का होगा यह कोर्स? किस फील्ड के स्टूड़ेंट कर सकते हैं AI की यह माइनर डिग्री? क्या UGC गाइडलाइंस के हिसाब से तैयार हुए हैं ये कोर्स?
AI Jobs Career Growth : युवाओं को डर है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के आने से नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं है, एआई से सिर्फ काम करने का तरीका बदलेगा। इतना ही नहीं एआई एक नया फील्ड है तो यहां नई जॉब भी हैं। जहां आपको अच्छी सैलरी के साथ बेहतरीन करियर ग्रोथ मिलेगी। लेकिन आपको इसकी जानकारी होनी चाहिए। इसलिए अब मुंबई की प्रोफेशनल एजुकेशन कंपनी इमार्टिकस लर्निंग ने IIT मंडी के साथ मिलकर देशभर के कॉलेजों में AI में माइनर डिग्री शुरू करने की पहल की है। जिसे इंजीनियरिंग छात्र अपनी रेगुलर डिग्री के साथ AI के यह स्पेशल कोर्स कर सकते हैं।

क्या होंगे इस कोर्स के सिलेबस
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,
- मशीन लर्निंग
- डीप लर्निंग
- जनरेटिव AI
- नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग
- कंप्यूटर विजन और रियल वर्ल्ड AI एप्लिकेशन जैसे विषय शामिल हैं।
कितने समय का होगा यह कोर्स
- बता दें कि स्टूडेंट इन कोर्स के प्रोग्राम को 7 सेमेस्टर में पूरा कर सकेंगे।
- इस दौरान छात्रों को बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।
- इस प्रोग्राम की खास बात यह है कि इसे इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए इस तरह डिजाइन किया गया है कि उनकी रेगुलर पढ़ाई पर असर न पड़े।
- छात्र अपनी मुख्य डिग्री के साथ AI में स्पेशलाइजेशन भी कर सकेंगे।
UGC गाइडलाइंस के हिसाब से तैयार हुआ है कोर्स
- यह प्रोग्राम नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और UGC की गाइडलाइंस के मुताबिक तैयार किया गया है।
- 24 क्रेडिट वाले इस AI माइनर डिग्री को छात्रों की मार्कशीट में भी शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें आधिकारिक मान्यता मिलेगी।
- इस पहल में NSDC भी अहम भूमिका निभा रहा है।
- NSDC कॉलेजों के साथ तालमेल, क्वालिटी कंट्रोल और देशभर में प्रोग्राम लागू करने में मदद करेगा।
हर इंडस्ट्री में AI एक्सपर्ट की जरूरत
- एआई के बारे में जानकारी देते हुए IIT मंडी के प्रोफेसर तुषार जैन ने कहा कि आज AI सिर्फ एक खास फील्ड नहीं रह गया है, बल्कि लगभग हर इंडस्ट्री में इसकी जरूरत बढ़ रही है। इसलिए छात्रों को शुरुआत से ही AI की मजबूत और प्रैक्टिकल समझ देना जरूरी है।
- NSDC अकादमी के वाइस प्रेसिडेंट नितिन कपूर ने कहा कि AI भारत के भविष्य और रोजगार के लिए बेहद अहम तकनीक बनने जा रही है। ऐसे में युवाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार करना जरूरी है।
- इमार्टिकस लर्निंग के फाउंडर और CEO निखिल बर्शीकर ने कहा कि AI तेजी से हर सेक्टर को बदल रहा है। इसलिए कॉलेजों को पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर छात्रों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देनी होगी।
देश की इन यूनिवर्सिटी AI का कोर्स
देश के कई कॉलेज पहले ही इस पहल से जुड़ चुके हैं। इनमें ग्रेटर नोएडा का IIMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, पंजाब की लैमरिन टेक यूनिवर्सिटी, दिल्ली का लिंगाया लालिता देवी इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद की लिंगाया विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, पुणे की अलार्ड यूनिवर्सिटी और अजींक्य डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु की जॉय यूनिवर्सिटी और भोपाल की LNCT यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
क्या है इमार्टिकस लर्निंग कंपनी
बता दें कि इमार्टिकस लर्निंग की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। कंपनी फाइनेंस, डेटा साइंस, AI, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में प्रोफेशनल ट्रेनिंग देती है। कंपनी अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों के करियर पर असर डाल चुकी है और 75 हजार से ज्यादा छात्रों को बड़ी कंपनियों में नौकरी दिला चुकी है।


