Albania Education Ministry: अल्बानिया की राजधानी तिराना में छात्रों का सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और बैंकों को निशाना बनाया, जबकि पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। छात्र महंगी शिक्षा, विश्वविद्यालयों की बदहाल स्थिति और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री की मांग कर रहे हैं।
Tirana Student Demonstration: अल्बानिया की राजधानी तिराना में छात्रों का सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारियों की भीड़, पुलिस के साथ झड़प और सड़कों पर मची अफरा-तफरी की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को निशाना बनाया, आगजनी की और कई जगहों पर तोड़फोड़ की। हालात संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
तिराना की सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, कई जगह हिंसा
अल्बानिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। राजधानी तिराना में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस स्टेशन को घेरने और उस पर हमला करने की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे लगी धातु की रेलिंग उखाड़ दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की।
सरकारी इमारतों और बैंकों में आगजनी, पुलिस से टकराव
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्रालय और न्याय मंत्रालय की इमारतों में आग लगने की खबरें सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने बैंकों और वाहनों को भी निशाना बनाया। कई जगह पथराव और तोड़फोड़ हुई, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हिंसा के बीच सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से राजधानी में तनाव बढ़ गया है।
महंगी पढ़ाई, बदहाल विश्वविद्यालय और रोजगार की कमी से नाराज छात्र
छात्रों के गुस्से की प्रमुख वजह शिक्षा का बढ़ता खर्च, विश्वविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और सरकारी सहायता का अभाव बताया जा रहा है। इसके अलावा, युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसर भी असंतोष बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार इन समस्याओं को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। इसी नाराजगी ने शिक्षा से जुड़े विरोध को व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन में बदल दिया है।
प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार है और सरकारी संपत्तियों के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। 'फ्लेमिंगो' नाम के सरकार विरोधी आंदोलन से जुड़े छात्रों के समर्थन में भीड़ बढ़ने के साथ विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक रूप ले लिया है। अब आंदोलन का केंद्र शिक्षा सुधारों के साथ सरकार की जवाबदेही भी बन गई है
सरकार के सामने कानून-व्यवस्था संभालने की चुनौती
लगातार दूसरे दिन हुई हिंसा ने अल्बानिया की राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और संवेदनशील इलाकों में स्थिति संभालने में जुटी है। दूसरी ओर, छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और प्रदर्शनकारियों के अगले कदम से तय होगा कि हालात शांत होते हैं या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।






