CAG रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार 2024-25 में 357 दिन कर्ज पर रही। रोज के खर्चों के लिए कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जिससे राजकोषीय घाटा 3.75% हो गया।

अमरावती: आंध्र प्रदेश सरकार ने साल 2024-25 में लगभग हर दिन कर्ज लेकर काम चलाया। एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरे साल में सिर्फ 8 दिनों को छोड़कर बाकी 357 दिन सरकार ने कर्ज या एडवांस पर ही गुजारे। इस दौरान कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। यह चौंकाने वाली जानकारी कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की रिपोर्ट से सामने आई है, जिसे शुक्रवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा में पेश किया गया। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब RBI और सुप्रीम कोर्ट, दोनों ही राज्यों को बिना सोचे-समझे लाई जा रही गारंटी योजनाओं के आर्थिक असर को लेकर चेतावनी दे चुके हैं।

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रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में आंध्र सरकार के पास सिर्फ 8 दिन ही ऐसे थे, जब उसे RBI से कोई कर्ज या एडवांस लिए बिना न्यूनतम कैश बैलेंस बनाए रखने में कामयाबी मिली। सरकार का राजकोषीय घाटा 'वित्तीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन' की तय सीमा (राज्य की GDP का 2.7%) को पार कर 3.75% तक पहुंच गया। इसी वजह से सरकार को अपने रोज के काम-काज के लिए भी कर्ज पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे ब्याज का बोझ भी बढ़ गया।

CAG रिपोर्ट बताती है कि 2024 में सरकार ने 71 दिनों के लिए 'स्पेशल ड्रॉइंग फैसिलिटी' का इस्तेमाल कर 42,004 करोड़ रुपये का कर्ज लिया और इस पर 188 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाया। इसके अलावा, 179 दिनों के लिए 'वेज़ एंड मीन्स एडवांसेज़' के तहत 73,897 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जिस पर 82 करोड़ रुपये ब्याज देना पड़ा। यही नहीं, 107 दिनों तक सरकार ने 56,631 करोड़ रुपये का ओवरड्राफ्ट भी लिया और इस पर 32 करोड़ रुपये का ब्याज भरा।

इस रिपोर्ट पर TDP नेताओं ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में NDA की सरकार 1 जून, 2024 को बनी थी। तब तक पिछली सरकार पहले ही 38,000 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। उनके छोड़े हुए बोझ को चुकाने के लिए हमें कर्ज लेना पड़ा।

आंध्र सरकार की कुछ गारंटी योजनाएं

  • महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
  • दिव्यांगों के लिए मुफ्त बस सफर
  • पात्र परिवारों को साल में तीन मुफ्त LPG सिलेंडर
  • 18 से 59 साल की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये
  • BPL कार्ड धारकों को 1 रुपये में 1 किलो चावल