संसद में भारी हंगामे के बीच सरकार का वो गुप्त इशारा, जिसने बढ़ा दी है विपक्ष की धड़कनें! बिना बहस के भी पास होगा खतरनाक एंटी-पेपर लीक बिल? परदे के पीछे अमित शाह का असली खेल क्या है?

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को उस समय सियासी तापमान अचानक बढ़ गया, जब केंद्र सरकार ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम), संशोधन विधेयक, 2026' (नकल-रोधी बिल) लोकसभा में पेश कर दिया। राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जैसे ही बिल पेश किया, विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से बार-बार अपील की कि वह चर्चा में शामिल होकर अपनी बात रखे, लेकिन विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा। आखिरकार लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच सरकार ने विपक्ष को एक ऐसा सख्त संदेश भेज दिया है जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

सरकार का बड़ा संकेत-'बहस हो या नहीं, बिल आगे बढ़ेगा'

संसदीय घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ी चर्चा उस संकेत की रही, जो सरकार की ओर से विपक्ष को दिया गया। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक रोकने वाला विधेयक चर्चा के साथ या उसके बिना भी पारित कराया जा सकता है। हालांकि सरकार फिलहाल विपक्ष को समय देने के पक्ष में है ताकि वह बहस में शामिल हो सके। राजनीतिक जानकार इसे सरकार की रणनीति मान रहे हैं, जिससे विपक्ष पर नैतिक दबाव बनाया जा सके कि वह छात्रों से जुड़े इतने अहम कानून पर चर्चा से दूरी न बनाए।

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परदे के पीछे का 'लंच डिप्लोमेसी': कैंटीन में शाह का सीक्रेट प्लान!

संसद में जारी इस गतिरोध के बीच सबसे बड़ी और चौंकाने वाली हलचल संसद भवन परिसर की कैंटीन में देखने को मिली। जब सदन में नारेबाजी गूंज रही थी, तब देश के सबसे शक्तिशाली रणनीतिकार एक मेज पर गुप्त रणनीति बना रहे थे।

  • हाई-लेवल लंच मीटिंग: गृह मंत्री अमित शाह के साथ स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद कैंटीन में लंच किया। इस बैठक में टीडीपी (TDP) के फ्लोर लीडर लावू श्री कृष्ण देवरायालू भी शामिल हुए, जिसने विपक्ष के खेमे में सस्पेंस बढ़ा दिया है।
  • सरकार की सोची-समझी चाल: सूत्रों के हवाले से एक बेहद चौंकाने वाली रणनीति सामने आई है। सरकार ने विपक्ष को साफ संकेत दे दिया है कि परीक्षा में गड़बड़ी रोकने वाला यह कड़ा बिल सदन में चर्चा के साथ या उसके बिना भी हर हाल में पास कराया जाएगा। सरकार विपक्ष को "पूरी छूट" देकर उनके अगले कदम का इंतजार कर रही है ताकि वे जनता के सामने बेनकाब हो सकें।

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प्रियंका गांधी और मनोज झा का तीखा पलटवार: "क्या छात्र आतंकवादी हैं?"

इस बीच, विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस और आरजेडी (RJD) के नेताओं ने सरकार के इस अड़ियल रुख और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ तीखे तीर छोड़े हैं।

  • प्रियंका गांधी का तीखा हमला: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेहद आक्रामक लहजे में सरकार से सवाल किया, "AK-47 और पैलेट गन! क्या हमारे देश के छात्र आतंकवादी हैं? बिहार और बंगाल में उनके खिलाफ फिर FIR दर्ज की गई हैं। हद तो यह है कि लड़कियों के माता-पिता को धमकाया जा रहा है कि बेटियों को विरोध प्रदर्शन में क्यों भेजा। क्या भारत में लड़कियां अपनी आवाज भी नहीं उठा सकतीं?"
  • मनोज झा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट: RJD सांसद मनोज कुमार झा ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने CJP के आह्वान पर 20 जुलाई को नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुए पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, नंदन नीलेकणि की टास्क फोर्स और बिल पर उन्होंने कहा कि अगर नीयत में ईमानदारी है, तो इसका स्वागत है, क्योंकि नीयत ही पॉलिसी तय करती है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और 2 महीने की डेडलाइन: क्या हैं बिल के नए प्रावधान?

NEET-UG पेपर लीक को लेकर एक महीने से चल रहे देशव्यापी छात्र आंदोलन के बाद लाया गया यह नया संशोधन विधेयक दो साल पुराने नकल-रोधी कानून का पूरी तरह कायाकल्प करने वाला है।

  • तुरंत इंसाफ की व्यवस्था: इस नए बिल में देश के हर राज्य में विशेष 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' बनाने का कड़ा प्रस्ताव है, ताकि पेपर लीक के आरोपियों पर तेजी से मुकदमा चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके और उनकी सजा को और बढ़ाया जा सके।
  • 2 महीने की समय सीमा: नए प्रावधानों के तहत किसी भी पेपर लीक मामले की जांच को हर हाल में दो महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।

संगरूर में पेट्रोल बम ब्लास्ट और AAP का नया मोर्चा: देश भर में अशांति

यह राजनीतिक लड़ाई सिर्फ संसद के भीतर तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़कों पर भी एक खतरनाक रूप अख्तियार कर रही है।

  • बीजेपी दफ्तर पर हमला: पंजाब के संगरूर से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आई है, जहां कल देर रात बीजेपी (BJP) दफ्तर पर अज्ञात हमलावरों द्वारा पेट्रोल बम फेंका गया। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
  • केजरीवाल का नया दांव: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार की E20 एथेनॉल-ईंधन पॉलिसी के खिलाफ एक राष्ट्रीय टाउन हॉल आयोजित किया जाएगा, जो विपक्ष के लिए एक नया हथियार बन सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बार-बार की अपील और चेतावनी के बावजूद विपक्ष 20 जुलाई की घटना पर अमित शाह के सीधे जवाब की मांग को लेकर अड़ा हुआ है। दोपहर को सदन स्थगित होने के बाद अब शाह, नड्डा और रिजिजू के बीच एक और उच्च-स्तरीय बैठक चल रही है। सस्पेंस गहरा है-क्या सरकार बिना बहस के ही इस बिल को पास करा लेगी, या फिर संसद में लोकतंत्र का कोई नया मोड़ देखने को मिलेगा?

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