वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप से 1,400+ मौतें। फुटबॉलर लुकास त्रेहो ने अपनी पत्नी और 2 बच्चों को खो दिया। कई अन्य युवा खिलाड़ी भी इस आपदा में मारे गए।

कराकस: वेनेजुएला में आए सदी के सबसे शक्तिशाली दोहरे भूकंप ने तबाही मचा दी है। इस दर्दनाक हादसे में अर्जेंटीना के फुटबॉलर लुकास त्रेहो का परिवार उजड़ गया। उनकी पत्नी और दो बच्चों की मलबे में दबकर मौत हो गई। लुकास वेनेजुएला के सेकंड-डिवीजन क्लब 'क्लब स्पोर्ट मैरिटिमो ला ग्वायरा' के लिए बतौर डिफेंडर खेलते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस आपदा में लुकास की पत्नी यानिना और उनके दो बच्चे, आरोन और आइनहोवा, हमेशा के लिए उनसे बिछड़ गए। पिछले तीन दिनों से लुकास, उनके दोस्त और बचाव दल मलबे में दबे अपने परिवार को ज़िंदा निकालने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे। लेकिन कल उनकी ये उम्मीदें टूट गईं, जब तीनों के शव मलबे से निकाले गए। लुकास के क्लब 'क्लब स्पोर्ट मैरिटिमो ला ग्वायरा' ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए अपना दुख जताया। क्लब ने लिखा, 'लुकास, तुम अकेले नहीं हो। ला ग्वायरा में तुम्हारा मैरिटिमो परिवार तुम्हारे साथ है।'

जिस वक्त भूकंप आया, 38 साल के लुकास त्रेहो टीम के ट्रेनिंग कैंप के लिए राजधानी कराकस में थे। जैसे ही उन्हें इस तबाही की खबर मिली, वह फौरन 28 किलोमीटर दूर ला ग्वायरा में अपने घर की तरफ भागे। लेकिन जब तक वह वहां पहुंचे, उनका अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका था। लुकास के साथी खिलाड़ियों ने भारी मशीनों से मलबा हटाने की गुहार लगाई, लेकिन 74 घंटे से ज़्यादा चली तलाशी का अंत आंखों में आंसू देकर हुआ।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वेनेजुएला में आए इस दोहरे भूकंप में अब तक 1,400 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 5,000 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं। यहां सिर्फ 39 सेकंड के अंतराल पर दो शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे।

लुकास के परिवार के अलावा, वेनेजुएला के कई और युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की भी इस आपदा में मौत हो गई। इनमें 18 साल के विमवर्ट बेर्रोटेरन भी शामिल हैं, जिन्होंने दोहा में हुए अंडर-17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। युवा खिलाड़ी विक्टर पलासियोस और रज़ान सिजा की भी भूकंप में जान चली गई। एक और दिल दहला देने वाली घटना में, खिलाड़ी हेक्टर बेलो की पत्नी की मौत अपने एक साल के बच्चे को अपने शरीर से ढककर बचाते हुए हो गई।

तबाह हो चुके शहरों के मलबे में विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग दबे हुए हैं। अब तक 8 चीनी और 9 स्पेनिश नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव के लिए अहम माने जाने वाले 72 घंटे बीत चुके हैं, इसलिए अब मलबे से किसी को ज़िंदा निकालने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं।