पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद, आसनसोल में 21 सालों से लगभग बंद पड़ा ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर फिर से खुल गया है। नवनिर्वाचित बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए मंदिर के ताले खोले, जिससे भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य में सिर्फ सियासी हवा ही नहीं बदली, बल्कि दशकों से बंद पड़ी आस्था की राह भी खोल दी है। आसनसोल के बस्टिन बाज़ार इलाके में मौजूद ऐतिहासिक 'श्री-श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट' मंदिर पूरे 21 साल के लंबे इंतजार के बाद अब हर दिन पूजा-पाठ के लिए पूरी तरह से खुल गया है।

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दो दशकों की कैद से मिली मुक्ति

बस्टिन बाज़ार का यह दुर्गा मंदिर स्थानीय लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। लेकिन पिछले दो दशकों से यह मंदिर स्थानीय सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक खींचतान का शिकार बना हुआ था। मंदिर के दरवाजे साल में सिर्फ दो बार—दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के मौके पर 10 दिनों के लिए ही खुलते थे। बाकी पूरे साल भक्तों को मंदिर के बाहर से ही हाथ जोड़कर लौटना पड़ता था। पूरे 21 साल तक इस मंदिर पर ताला लटका रहा।

विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने निभाया अपना वादा

इस बार के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बर्दवान जिले की सभी 9 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। आसनसोल उत्तर सीट से नवनिर्वाचित बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान भक्तों से एक बड़ा वादा किया था। उन्होंने ऐलान किया था, 'अगर हम जीते तो मंदिर पर लगे इस सियासी ताले को हटा देंगे और साल के 365 दिन मंदिर को जनता के लिए खोल देंगे।' नतीजे आते ही, मुखर्जी ने मंदिर पहुंचकर खुद ताला खोलकर अपना वादा पूरा किया।

भक्तों की आंखों में खुशी के आंसू

जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरे बस्टिन बाज़ार इलाके में त्योहार जैसा माहौल हो गया। शंख और जयकारों की गूंज के बीच हजारों भक्त मंदिर में दाखिल हुए। दशकों का इंतजार खत्म होने की खुशी में कई बुजुर्ग भक्तों की आंखों से आंसू छलक पड़े। इस भावुक पल के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है, 'यह सिर्फ राजनीतिक जीत नहीं है, बल्कि हमारे धार्मिक अधिकार की बहाली है।'

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स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती

मंदिर के रोजाना खुलने से न केवल धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा। मंदिर के आसपास फूल, फल और पूजा सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों को अब साल भर कारोबार मिलने की उम्मीद जगी है।

नई सरकार का शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल की 293 सीटों में से बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। 9 मई को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होना है, लेकिन उससे पहले ही राज्य में बड़े बदलाव दिखने शुरू हो गए हैं।