विमान ईंधन (ATF) की कीमत 115% बढ़कर रिकॉर्ड 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार हो गई है। सरकार द्वारा हवाई किराए पर से मूल्य सीमा हटाने के कारण अब हवाई सफर महंगा होना तय है। एयरलाइंस अब किराया तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।

नई दिल्ली: हवाई जहाज़ का ईंधन (एविएशन टरबाइन फ्यूल - ATF) महंगा होने से अब हवाई सफ़र पर भी आपकी जेब ज़्यादा ढीली होगी। आज दिल्ली में ATF की कीमत 2,07,341 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई। यह मार्च की कीमत 96,638 रुपये के मुकाबले दोगुने से भी ज़्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर दिखेगा।

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पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ईंधन की कीमतों में ज़बरदस्त उछाल आया है। ATF की कीमतों में 115% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह इतिहास में पहली बार है जब विमान ईंधन का दाम 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार गया है।

इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे की वजह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन की कीमतों में करीब 115% और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लगभग 107% की बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही घरेलू हवाई टिकटों की कीमतों पर लगी सीमा हटा दी थी। इस वजह से अब एयरलाइन कंपनियां अपनी मर्ज़ी से किराया तय कर सकती हैं।

पहले जब इंडिगो की उड़ानें बिना किसी सूचना के बाधित हुई थीं, तब टिकट के दाम अचानक बहुत बढ़ गए थे। इसके बाद केंद्र ने दिसंबर 2025 में घरेलू किरायों पर एक सीमा लगाई थी। अब यह सीमा हटाने और ईंधन की कीमतें बढ़ने से यह तय है कि हवाई सफ़र के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ेगी। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि अगर एयरलाइंस बहुत ज़्यादा या गलत तरीके से किराया बढ़ाती हैं, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और जनहित में ज़रूरत पड़ने पर फिर से प्राइस कैप लगाया जा सकता है।