अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के मामले में VHP के उपाध्यक्ष और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ हुई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उनका बयान दर्ज किया है।
लखनऊ: अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के मामले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूछताछ की गई है। एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चंपत राय का विस्तार से बयान लिया है। जल्द ही अनिल मिश्रा और दूसरे पदाधिकारियों से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे। इस बीच, मंदिर में हुई चोरी की जांच की आंच अब संघ परिवार के नेताओं तक पहुंच रही है। इससे पहले, संघ परिवार के नेताओं से पूछताछ न करने पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। विपक्ष का आरोप था कि नेताओं को बचाने के लिए ही SIT बनाई गई है।

जांच टीम ने बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ करने का फैसला किया है। इसके लिए अयोध्या पुलिस SBI की ब्रांच पहुंची। आरोपों में घिरने के बाद चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया था। बताया जा रहा है कि भारी दबाव के चलते सरकार ने चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। इस विवाद के बाद अयोध्या मंदिर के प्रशासन की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई थी। अयोध्या में दान के पैसों की हेराफेरी के मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें चंपत राय का करीबी टीनू यादव भी शामिल है।
चंपत राय के ड्राइवर टीनू यादव को ही दान पेटियों और नोट गिनने वाले कमरे की जिम्मेदारी दी गई थी। उसके घर से करोड़ों रुपये के गहने भी बरामद हुए थे। खबरों के मुताबिक, टीनू यादव चंपत राय से सीधे तौर पर जुड़ा है, फिर भी उससे राय की भूमिका को लेकर अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। कई कारोबारियों ने भी बयान दिया है कि उन्होंने चंपत राय के जरिए ही मंदिर के लिए करोड़ों रुपये कैश और गहनों के रूप में दान दिए थे। VHP के अंदर भी एक गुट चंपत राय से बेहद नाराज है। करसेवकों के संगठन 'धर्मसेना' ने तो खुले तौर पर राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
