Yogi Adityanath On Ram Temple Donations: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। मंदिरों के चढ़ावे, हनुमानगढ़ी, वक्फ और अयोध्या विकास को लेकर दिए गए उनके बयान ने यूपी की राजनीति को फिर गरमा दिया है।

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान मंदिरों पर कब्जा किया जाता था और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का पैसा मंदिरों के बजाय अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया जाता था। मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

'मंदिरों का चढ़ावा हड़प लिया जाता था', समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में मंदिरों की व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ की गई और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों पर कब्जा कर वहां आने वाले चढ़ावे का पैसा मस्जिदों की दीवारें बनाने जैसे कार्यों में लगाया जाता था। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने हैं।

हनुमानगढ़ी और अयोध्या विकास को लेकर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हनुमानगढ़ी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज भगवान राम और आस्था की बात कर रहे हैं, उन्हीं के शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने का प्रयास हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि क्या किसी मस्जिद के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है, फिर हनुमानगढ़ी में ऐसा प्रयास क्यों हुआ था?

उन्होंने अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी समाजवादी पार्टी के नेता यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने का मजाक उड़ाते थे। आज अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है और उसका नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने वर्षों पुरानी राम मंदिर की मांग को पूरा किया, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती रही हैं।

वक्फ और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष से पूछे सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर हिंदू आस्था का मजाक बना रहा है, लेकिन क्या उसने कभी वक्फ के नाम पर कथित रूप से बेची गई हजारों हेक्टेयर जमीन के मुद्दे पर आवाज उठाई? उनका कहना था कि ऐसी जमीन गरीबों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी।

फिलहाल राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच जारी है और इसी बीच मुख्यमंत्री के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को नया मुद्दा दे दिया है। भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। वहीं, इस मामले में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।