Azamgarh Murder Case : यूपी के आजमगढ़ में अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी अरविंद को एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने 7 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद यह सफलता पाई। हालांकि इससे पहले फोर्स उसे घंटों समझाती रही, लेकिन वह नहीं माना…

यूपी के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी अरविंद सिंह एनकाउंटर में मारा गया। वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने करीब 7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हत्यारे के द्वारा बंधक बनाए गए तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र का है।

स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के बाद आरोपी ढेर

एडीजी ने बताया कि चार हत्याएं करने के बाद भी अरविंद सिंह 7 घंटे की घेराबंदी के बाद भी सरेंडर नहीं कर रहा था। जब आरोपी अरविंद ने फायरिंग की, तो एसएसपी और एसओजी टीम को दरवाजा तोड़कर अंदर घुसना पड़ा। पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। अंदर घुसते ही पुलिस टीम पर फायरिंग हुई, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी।

10 थानों के करीब 100 पुलिसवालों को बुलाया

एडीजी अरोड़ा ने बताया कि आरोपी को पकडने के लिए हमारी पुलिस पहुंची तो वह अपने ही तीन बच्चों को जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद हमने तुरंत10 थानों के करीब 100 पुलिसवालों को इस ऑपरेशन में लगाया। पुलिस ने शुरुआत में काफी संयम बरता। टीम उसे सरेंडर करने के लिए समझाती रही, लेकिन आरोपी घर से बाहर आने को तैयार नहीं था और सुबह तक इंतजार करने की जिद कर रहा था। लेकिन जब उसने अंदर से फायरिंग शुरू कर दी, तो पुलिस को मजबूरन घर में घुसना पड़ा। जब आरोपी अरविंद ने फायरिंग की, तो एसएसपी और एसओजी टीम को दरवाजा तोड़कर अंदर घुसना पड़ा। पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। अंदर घुसते ही पुलिस टीम पर फायरिंग हुई, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी।

एक बच्चे को लगी थी गोली दो सदमे में थे

एडीजी ने बताया कि अंदर जाने पर पता चला कि एक बेटे को गोली लगी है। बाकी दो बच्चे काफी डरे हुए थे। खाना-पानी न मिलने की वजह से उन्हें डिहाइड्रेशन हो गया था।एडीजी ने बताया, "हमारा ऑपरेशन कामयाब रहा क्योंकि हम तीनों बच्चों की जान बचाने में सफल रहे। बेटे को गोली लगी थी, जिसका पता हमें अंदर जाने के बाद चला। बच्चों को अस्पताल भेज दिया गया है। बाकी दोनों बच्चे सदमे में थे और डिहाइड्रेशन का शिकार हो गए थे।"

घर में थी पूजा…लेकिन वो बन गया हैवान

आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी का बर्ताव अपने परिवार के प्रति काफी आक्रामक था। उसकी मां और पत्नी ने पहले भी इसकी शिकायत की थी। एसएसपी ने कहा, "गांव वालों और परिवार से बात करने पर पता चला कि अरविंद की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वह अक्सर घरवालों से मारपीट करता था। इससे परेशान होकर उसकी मां और पत्नी ने घर में एक पूजा रखी थी। उन्हें शक था कि उस पर किसी बुरी आत्मा का साया है।"

पंडितों का अपना और बिछा दी चार लाशें

  • एसएसपी ने आगे बताया, "आरोपी इस पूजा का लगातार विरोध कर रहा था। जब उसकी पत्नी ने टोका कि वह पूजा कर रहे पंडितों का अपमान कर रहा है, तो वह भड़क गया। गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार दी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया।"
  • मौके पर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया कि घर में पूजा के लिए पांच पंडित आए थे। आरोपी ने आकर पूछा कि यह पूजा किसलिए हो रही है। घरवालों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह सबसे झगड़ने लगा। उसने अपनी पत्नी को गोली मार दी। जान बचाकर भाग रहे दो पंडितों को भी उसने गोली मार दी, जबकि तीन पंडित किसी तरह वहां से भाग निकले। इसके बाद उसने अपने दो बच्चों और साली के एक बच्चे को कमरे में बंद कर लिया।