Bangladesh Minority Attack: क्या बांग्लादेश में हिंदू होना अब जानलेवा हो गया है? नरसिंदी में एक युवक को दुकान के अंदर जिंदा जलाकर मार दिया गया। CCTV में संदिग्ध दिखा, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं। क्या यह सुनियोजित नफरत की हत्या है?
Hindu Youth Killed Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। ताजा मामला नरसिंदी जिले से सामने आया है, जहां एक 23 साल के हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को कथित तौर पर जिंदा जलाकर मार दिया गया। युवक का जला हुआ शव उसी दुकान के अंदर मिला, जहां वह काम करता था। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं-क्या बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित हैं? और क्या यह सिर्फ हादसा था या साजिश के तहत की गई हत्या?

क्या हुआ उस रात जब दुकान आग में बदल गई?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार रात चंचल अपने गैराज के अंदर सो रहा था। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के बाहर से शटर पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। चूंकि शटर बाहर से बंद था, आग तेजी से अंदर फैल गई और चंचल बाहर नहीं निकल सका। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान आग की लपटों में घिर गई।

क्या चंचल को बचने का कोई मौका मिला?
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चंचल आग के बीच फंसा रहा और काफी देर तक तड़पता रहा। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। आसपास के लोग आग और धुएं की वजह से अंदर घुस नहीं सके। जब तक फायर सर्विस की टीम पहुंची, बहुत देर हो चुकी थी।

फायर सर्विस और पुलिस ने क्या बताया?
घटना की सूचना मिलते ही नरसिंदी फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद दुकान के अंदर से चंचल का पूरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

CCTV फुटेज में क्या दिखा?
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति दुकान के बाहर आग लगाकर मौके से भागता हुआ दिखाई देता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अगर फुटेज सही साबित होती है, तो यह घटना हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या मानी जा सकती है।
परिवार के लिए क्या मायने रखता था चंचल?
चंचल अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उसकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं, बड़ा भाई दिव्यांग है और एक छोटा भाई भी है, जिसकी जिम्मेदारी चंचल पर ही थी। उसकी मौत ने पूरे परिवार को असहाय और बेसहारा कर दिया है।

क्या यह अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा का हिस्सा है?
परिवार का साफ कहना है कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि साजिशन हत्या है। इस घटना ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने से डर और अविश्वास बढ़ता जा रहा है। क्या आरोपी पकड़े जाएंगे या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? पुलिस जांच जारी है, लेकिन पूरा देश जवाब चाहता है।


