Vrindavan Ring Ceremony Viral Video: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी कटघरे में युवक-युवती की रिंग सेरेमनी का वीडियो वायरल हो गया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे दोनों के इस कदम पर श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई और मंदिर की वीआईपी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल Banke Bihari Temple एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मंदिर परिसर से वायरल हुआ एक ऐसा वीडियो है जिसने श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया है।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में एक युवक और युवती मंदिर के वीआईपी कटघरे में खड़े होकर एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते और जयमाला करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और उन्होंने मंदिर परिसर में ही अपनी रिंग सेरेमनी जैसा आयोजन कर लिया। यह वीडियो सामने आते ही श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी बढ़ गई है और मंदिर में वीआईपी संस्कृति को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है।
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वीआईपी कटघरे में हुई रिंग सेरेमनी
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक और युवती मंदिर के उस हिस्से में खड़े हैं, जहां आम श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति नहीं होती। इसी वीआईपी क्षेत्र में दोनों एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते हैं और फिर माला भी पहनाते नजर आते हैं। वीडियो में आसपास मौजूद कुछ लोग इस पूरे दृश्य को देखते भी दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि मंदिर परिसर में इस तरह का निजी कार्यक्रम कैसे हो गया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे दोनों
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक वीडियो में दिख रहे युवक और युवती सोशल मीडिया से जुड़े कंटेंट क्रिएटर बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने वीडियो बनाने के मकसद से यह पूरी रिंग सेरेमनी की शूटिंग मंदिर परिसर में की। हालांकि इस मामले में दोनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गोस्वामी ने आयोजन से पल्ला झाड़ा
वीडियो में एक गोस्वामी भी दिखाई दे रहे हैं, जो युवक और युवती को आशीर्वाद देते नजर आते हैं। जब इस बारे में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका इस आयोजन से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वह वहां सिर्फ मौजूद थे और युवक-युवती ने आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने परंपरा के अनुसार आशीर्वाद दे दिया।
हाई पावर कमेटी करेगी मामले की समीक्षा
मंदिर की व्यवस्थाओं की निगरानी से जुड़ी हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगली बैठक में इस घटना पर चर्चा होगी और अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
वीआईपी संस्कृति को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। अक्सर श्रद्धालु शिकायत करते हैं कि उन्हें लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ लोगों को विशेष व्यवस्था के जरिए जल्दी दर्शन मिल जाते हैं। अब मंदिर परिसर में रिंग सेरेमनी का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर वीआईपी व्यवस्था का दायरा कितना है और इसकी निगरानी कौन कर रहा है।
इस घटना के बाद कई भक्तों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मंदिर एक पवित्र स्थान है और यहां इस तरह के निजी कार्यक्रम धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं। लोगों का यह भी कहना है कि अगर ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे मंदिर की व्यवस्था और पवित्रता दोनों पर असर पड़ सकता है।
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