Bankipur Election Result : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का रिजल्ट आ चुका है।  जनसुराज के प्रशांत किशोर भारी मतो से चुनाव जीत गए हैं। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के करीबी भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा काफी पीछे रह गए।

Prashant Kishor News : बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट में हुए उपचुनाव की सभी राउंड की काउंटिंग खत्म हो चुकी है। पहले फेस से ही बढ़त बनाकर चल रहे जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर चुनाव जीत गए हैं। वह अब बांकीपुर विधानसभा के विधायक बन गए हैं। भाजपा के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर रहे। वहीं तेजस्वी यादव और RJD की कैंडिडेट रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर रहीं। तो आइए जानते हैं पीके की पत्नी-बच्चे और परिनार के बारे में...

जानिए प्रशांत किशोर की अमेरिका वाली लव स्टोरी

पीके के नाम से मशहूर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पत्नी का नाम डॉ. जाह्नवी दास है। जो कि मूल रूप से असम (गुवाहाटी) की रहने वाली हैं और वह पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं। वह दिल्ली के अपोलो अस्पताल में नौकरी कर चुकी हैं। लेकिन वर्तमान में अपना घर और परिवार को संभालती हैं। बताया जाता है कि प्रशांत और जाह्नवी की पहली मुलाकात संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बने और फिर यह फ्रेंडशिप अफेयर में तब्दील हो गई। इसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति के शादी कर ली। बता दें कि प्रशांत राजनीति में आने से पहले उन्होंने 8 साल तक संयुक्त राष्ट्र के लिए काम किया है।

प्रशांत किशोर के परिवार में कौन-कौन?

बता दें कि प्रशांत किशोर के परिवार में उनके माता-पिता, भाई और एक बेटा शामिल हैं। बेटे का नाम दैविक वर्धवाज है। वहीं डॉ. श्रीकांत पांडेय थे जो पेशे से एक डॉक्टर थे और बिहार के बक्सर व शाहपुर में सेवा दे चुके हैं। वहीं मां का नाम इंदिरा पांडेय है, जो गृहणी हैं। भाई की बात करें तो एक भाई हैं। जिनका नाम अजय किशोर है, जो एक व्यवसायी हैं।

कई राज्यों में सीएम बना चुके हैं पीके

साल 2024 में अपनी पार्टी जनसुराज लॉन्च करने से पहले प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार थे। वह बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा ममता बनर्जी से लेकर विजय थलापति और केजरीवाल चुनाव में जीत के लिए रणनीतिकार थे। पीके भारत में अपनी प्लानिंग से कई राज्यो में सरकार बना चुके हैं। वह पहली बार तब चर्चा में आए जब 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पूर्ण बहुमत पाने में सफल रही।