Who is Maa Vagdevi :  भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? कौन है मां वाग्देवी जिनके नाम से जाना जाएगा भोपाल का विश्वविद्यालय? क्या है नाम बदलने के फैसले के पीछे क्या है कहानी?

Barkatullah University Name Change : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम जल्द ही बदला जा सकता है। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने इसका नाम बदलकर 'वाग्देवी भोपाल यूनिवर्सिटी' करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। नाम बदलने की प्रक्रिया में यह पहला औपचारिक कदम है। आइए जानते हैं कौन हैं वाग्देवी, जिनके नाम से अब यह विश्वविद्यालय जाना जाएगा?

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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने बताई पूरी कहानी

  • यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार समर बहादुर सिंह ने बताया कि बुधवार को हुई एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने बिना किसी विरोध के एकमत से पास कर दिया। रजिस्ट्रार ने यह भी साफ किया कि अब इस प्रस्ताव को मध्य प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। यूनिवर्सिटी का नाम बदलने पर आखिरी फैसला सरकार ही लेगी।
  • रजिस्ट्रार सिंह ने बताया, “कल यूनिवर्सिटी में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग हुई थी, जिसमें एक प्रस्ताव आया कि बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोपाल यूनिवर्सिटी' कर दिया जाए। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। अब यह फैसला हो चुका है, इस प्रस्ताव के बाद मैं सरकार को आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए लिखूंगा। जब प्रशासन से मंजूरी मिल जाएगी, तो बस एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होना बाकी रहेगा। यह आखिरी फैसला सरकारी स्तर पर ही लिया जाएगा।”

क्यों बदला जा रहा बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम

जब उनसे पूछा गया कि यूनिवर्सिटी का नाम बदलना क्यों जरूरी है, तो रजिस्ट्रार ने कहा कि यह चर्चा का विषय है, लेकिन वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा, "चूंकि यह एग्जीक्यूटिव काउंसिल का फैसला है, इसलिए यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रार होने के नाते मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि एक फैसला लिया गया है।

कौन हैं वाग्देवी मां?

बता दें कि मां वाग्देवी विद्या की देवी मां सरस्वती का ही एक रूप हैं। जो ज्ञान, संगीत और कला की देवी हैं। ऐतिहासकारों का कहना है कि मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक इतिहास में मां वाग्देवी का महत्वपूर्ण स्थान है। मध्य प्रदेश के परमार वंश के राजा भोज ने धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मा वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। दिव्य प्रतिमा स्थापित की थी।

भोपाल में मचा बवाल

बता दें कि यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को लेकर भोपाल में मुस्लिम समाज के लोग प्रशासन और सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। जमीअत उलमा जिला भोपाल के अध्यक्ष हाफ़िज इस्माईल बैग ने इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए इसे इतिहास को मिटाने की कोशिश बताया है। जमीअत ने कहा सीएम मोहन यादव को यह फैसला वापस लेना चाहिए। सरकार नाम परिवर्तन पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। इसकी जगह वह इतना पैसा खर्च करके शिक्षा की गुणवत्ता सुधार करे तो ज्यादा बेहतर होगा।