BBC रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के बड़े ऐलानों से ठीक पहले करोड़ों डॉलर के संदिग्ध सौदे हुए। इससे इनसाइडर ट्रेडिंग का शक है, जिसमें कोई अंदरूनी जानकारी लीक कर बाज़ार से अवैध मुनाफा कमा रहा है। तेल और शेयर बाज़ार में ऐसी कई घटनाएँ सामने आई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई बड़ा ऐलान करने वाले हों और उससे कुछ घंटे या मिनट पहले ही शेयर बाज़ार में करोड़ों-अरबों डॉलर का खेल हो जाए, तो शक होना लाज़मी है। BBC की एक नई रिपोर्ट ने कुछ ऐसे ही सनसनीखेज खुलासे किए हैं, जिससे 'इनसाइडर ट्रेडिंग' का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के हर बड़े ऐलान से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में करोड़ों डॉलर के असामान्य सौदे हो रहे हैं। इससे यह शक गहरा गया है कि कोई 'अंदर' का आदमी ऐलान से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक कर रहा है। इसी जानकारी का इस्तेमाल कर कुछ लोग ऐलान होने से पहले ही बाज़ार में पैसा लगाकर मिनटों में मोटी कमाई कर रहे हैं। इसे ही 'इनसाइडर ट्रेडिंग' कहते हैं, जो कि एक गैर-कानूनी काम है। BBC ने अपनी जांच में पाया कि जब भी ट्रंप कोई सोशल मीडिया पोस्ट या इंटरव्यू देने वाले होते हैं, उससे ठीक पहले बाज़ार में पैसों का फ्लो अचानक बढ़ जाता है।
तेल बाज़ार में मची खलबली
पिछले मार्च में हुई दो घटनाओं से यह मामला और भी ज़्यादा गंभीर हो जाता है…
9 मार्च, 2026: ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि इज़रायल-ईरान युद्ध खत्म होने वाला है। उनके यह कहने से ठीक 47 मिनट पहले, तेल बाज़ार में किसी ने बड़ी रकम का दांव लगाया। जैसे ही इंटरव्यू सामने आया, तेल की कीमतें 25% तक गिर गईं। जिसने भी यह दांव खेला था, उसने मिनटों के अंदर करोड़ों कमा लिए।
23 मार्च, 2026: ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया कि ईरान के साथ मसले सुलझ गए हैं। इस पोस्ट के आने से सिर्फ 14 मिनट पहले, बाज़ार में फिर अजीब हलचल हुई। कुछ ही पलों में तेल की कीमतें 11% नीचे आ गईं।
शेयर बाज़ार में भी बड़ा खेल
अप्रैल 2025 में भी ऐसा ही कुछ हुआ। ट्रंप ने विदेशी सामानों पर लगने वाले टैरिफ को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया। इस ऐलान से कुछ मिनट पहले, कुछ लोगों ने करीब 20 लाख डॉलर इस बात पर लगाए कि शेयर बाज़ार ऊपर जाएगा। ऐलान होते ही बाज़ार उछल गया और इन लोगों को लगभग 2 करोड़ डॉलर का मुनाफा हुआ।
प्रेडिक्शन मार्केट और ट्रंप जूनियर का कनेक्शन
यह संदिग्ध खेल सिर्फ शेयर या तेल बाज़ार तक ही सीमित नहीं है। पॉलीमार्केट (Polymarket) और काल्शी (Kalshi) जैसे ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट में भी ऐसे सौदे हुए हैं। ये ऐसी वेबसाइट हैं जहां लोग राजनीतिक या दूसरी घटनाओं के नतीजों पर सट्टा लगाते हैं।
हैरानी की बात यह है कि ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर इन प्लेटफॉर्म्स में निवेशक और सलाहकार भी हैं। एक मामले में, किसी ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने की भविष्यवाणी एक दिन पहले ही कर दी और 4 लाख डॉलर से ज़्यादा का मुनाफा कमाया। इसी तरह, फरवरी में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले छह अकाउंट्स के ज़रिए करीब 12 लाख डॉलर का फायदा उठाया गया।
कानून क्या कहता है?
अमेरिका में 1933 से ही इनसाइडर ट्रेडिंग एक अपराध है। 2012 में इस कानून में बदलाव कर सरकारी अधिकारियों को भी इसके दायरे में लाया गया था। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पता लगाना बहुत मुश्किल है कि जानकारी लीक कहां से हो रही है। इन आरोपों पर व्हाइट हाउस या अमेरिकी बाज़ार की नियामक संस्था SEC ने कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, पहले व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बताया था। अब जब दुनिया की नज़रें ट्रंप के हर कदम पर हैं, तो उनके ऐलानों से जुड़े ये वित्तीय सौदे आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक तूफान का कारण बन सकते हैं।
