पश्चिम बंगाल में कल 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान होगा। भारी सुरक्षा के बीच, TMC 'अरे दीदी' बयान और BJP खड़गे की 'आतंकवादी' टिप्पणी को मुद्दा बना रही है। हाल की झड़पों के बाद चौकसी बढ़ा दी गई है।

कोलकाता: करीब एक महीने तक चले ज़ोरदार चुनावी प्रचार के बाद पश्चिम बंगाल कल पोलिंग बूथ पर जाने के लिए तैयार है। हाल में हुई झड़पों को देखते हुए पहले चरण की वोटिंग भारी सुरक्षा के बीच होगी। उत्तरी जिलों समेत 152 विधानसभा सीटों के वोटर कल बंगाल में अपना वोट डालेंगे।

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बात को मुद्दा बना लिया है कि अमित शाह ने ममता बनर्जी का अपमान किया है। अमित शाह के 'अरे दीदी' वाले बयान को TMC हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। पार्टी 2021 की तर्ज पर यह माहौल बना रही है कि बाहर के लोग ममता बनर्जी का अपमान कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी के लिए आखिरी दौर में मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहना सबसे बड़ा चुनावी हथियार बन गया है।

कल कई इलाकों में हुई झड़पों के बाद, जिन जगहों पर वोटिंग होनी है, वहां चौकसी बढ़ा दी गई है। इस बीच, गवर्नर आर.एन. रवि ने लोकभवन में एक कंट्रोल रूम भी तैयार किया है। उन्होंने वोटरों से कहा है कि अगर वोट डालने में कोई दिक्कत आए तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।

पूरी कहानी

उत्तरी जिलों समेत 152 सीटों पर कल वोट डाले जाएंगे। बीजेपी को उम्मीद है कि जिन इलाकों में उसका दबदबा है, वहां प्रधानमंत्री मोदी का प्रचार काम आएगा। वहीं, TMC का मानना है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने हफ्तों तक बंगाली अस्मिता को लेकर जो रैलियां की हैं, वे वोटों में बदलेंगी। चुनाव आयोग ने भीड़ से बचने के नाम पर वोटिंग वाले इलाकों में मोटरसाइकिल चलाने पर पाबंदी लगा दी है, जिसकी TMC ने आलोचना की है।

अमित शाह के 'अरे दीदी' वाले बयान को लेकर TMC का प्रचार तेज है, लेकिन बीजेपी इस पर संभलकर जवाब दे रही है। अमित शाह ने TMC के चुनावी प्रचार का जायजा लेने के लिए पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। शाह दूसरे चरण की वोटिंग का प्रचार खत्म होने तक बंगाल में ही रहेंगे।

उधर, तमिलनाडु में खड़गे के मोदी पर दिए 'आतंकवादी' वाले बयान को बीजेपी बड़ा मुद्दा बना रही है। बीजेपी ने मांग की है कि लोकतंत्र को नीचा दिखाने के लिए खड़गे और कांग्रेस माफी मांगें। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और निर्मला सीतारमण समेत एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर शिकायत भी दर्ज कराई है। कर्नाटक में एक कार्यक्रम में, जहां मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बयान पर अपनी असहमति जताई।

हालांकि, मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि उनके शब्दों को तोड़ा-मरोड़ा गया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब था कि मोदी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके जांच और दूसरी चीजों के जरिए 'आतंक' पैदा कर रहे हैं।