बेंगलुरु में 3BHK फ्लैट का 1.1 लाख किराया क्यों बना सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा? किन इलाकों में बढ़ती डिमांड की वजह से बेंगलुरु में किराए तेजी से बढ़ रहे हैं? सोशल मीडिया यूजर्स ने वायरल रेंट लिस्टिंग पर कैसी प्रतिक्रियाएं दीं? हाउसिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु के रेंटल मार्केट में उछाल की मुख्य वजह क्या है?

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बेंगलुरु के एक 3BHK अपार्टमेंट का किराया 1.1 लाख रुपये प्रति महीना बताया गया है। इस पोस्ट ने शहर में आसमान छूते किराए और घरों की बढ़ती कीमतों पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह लिस्टिंग वायरल होने के बाद कई इंटरनेट यूजर्स हैरान रह गए और सवाल उठाने लगे कि क्या बेंगलुरु का रेंटल मार्केट अब कंट्रोल से बाहर हो गया है?

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, मकान मालिक बेंगलुरु के एक पॉश इलाके में अपने सेमी-फर्निश्ड 3BHK अपार्टमेंट के लिए 1.1 लाख रुपये महीने का किराया मांग रहा था। सोशल मीडिया पर इस लिस्टिंग के स्क्रीनशॉट शेयर होते ही यह आंकड़ा लोगों की नजरों में आ गया और यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

एक यूजर ने लिखा, "इतनी तो किसी की महीने भर की सैलरी होती है।" एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, "इस हिसाब से तो बेंगलुरु में किराया देने से सस्ता EMI भरना लगता है।" कई लोगों ने इस किराए की तुलना भारत में मिड-लेवल प्रोफेशनल्स की सैलरी से की और कहा कि ऐसी कीमतें आम नौकरीपेशा लोगों के लिए पूरी तरह से अवास्तविक होती जा रही हैं।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में बेंगलुरु का रियल एस्टेट मार्केट कितना बदल गया है, खासकर आईटी सेक्टर में 'रिटर्न-टू-ऑफिस' का चलन शुरू होने के बाद। व्हाइटफील्ड, बेल्लंदूर, सरजापुर रोड और इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे टेक कॉरिडोर्स में घरों की मांग बढ़ने से किराए में भारी उछाल आया है।

कुछ यूजर्स ने इस कीमत का बचाव भी किया। उनका तर्क था कि बेंगलुरु में प्रीमियम सुविधाओं वाली लग्जरी गेटेड सोसाइटियों में ज्यादा कमाने वाले टेक कर्मचारियों और विदेशियों की वजह से मांग बहुत ज्यादा है, इसलिए वहां किराया भी ज्यादा होता है। वहीं, दूसरों ने मकान मालिकों की "बढ़ी हुई उम्मीदों" के लिए आलोचना की और आरोप लगाया कि शहर का हाउसिंग मार्केट मिडिल क्लास के लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।

इस वायरल चर्चा ने भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों में शहरी जीवन की बढ़ती लागत पर भी एक बड़ी बहस को फिर से हवा दे दी है। कई यूजर्स ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे बढ़ते किराए, ट्रैफिक जाम और रहने के बढ़ते खर्च की वजह से काम के लिए बेंगलुरु आने वाले प्रोफेशनल्स पर दबाव बढ़ रहा है।

हाउसिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2023 से ही बेंगलुरु का रेंटल मार्केट बहुत कॉम्पिटिटिव बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह आईटी कर्मचारियों और स्टार्टअप प्रोफेशनल्स की ओर से बढ़ती मांग है। बड़े टेक पार्कों के आस-पास के इलाकों में सीमित सप्लाई और हाई ऑक्यूपेंसी रेट के कारण किराए में लगातार तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।

ऑनलाइन आलोचना के बावजूद, बेंगलुरु के पॉश इलाकों में प्रीमियम अपार्टमेंट्स को ऐसे किराएदार मिल ही जाते हैं जो बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और लाइफस्टाइल सुविधाओं के लिए ज्यादा किराया देने को तैयार हैं। हालांकि, इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर भारत के इस प्रमुख टेक्नोलॉजी हब में सैलरी और घरों के खर्च के बीच बढ़ते अंतर को उजागर कर दिया है।