बेंगलुरु में कुछ होटल LPG की कमी का हवाला देकर ग्राहकों से 'गैस चार्ज' वसूल रहे हैं। एक होटल ने बिल में 30 रुपये अतिरिक्त जोड़े। यह समस्या पीजी तक भी पहुँच गई है, जहाँ खाने के मेन्यू में कटौती की जा रही है। ग्राहकों ने इसे लूट बताकर पुलिस से शिकायत की है।

बेंगलुरु : मिडिल ईस्ट में जंग और देश में सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच, बेंगलुरु में कुछ होटल मालिकों ने मौके का फायदा उठाकर ग्राहकों से खुली लूट शुरू कर दी है। पश्चिम एशिया में युद्ध और LPG की कमी की खबरों को भुनाते हुए, कुछ होटल ग्राहकों से 'गैस चार्ज' के नाम पर दिनदहाड़े वसूली कर रहे हैं। ग्राहकों को दिए जाने वाले बिल में गैस सप्लाई का चार्ज भी जोड़ा जा रहा है।

बेंगलुरु के 'मि. आंध्र मील्स' होटल का मामला

ताजा मामला शहर के 'मि. आंध्र मील्स' होटल का है, जहां ग्राहकों से बिना किसी रोक-टोक के पैसे वसूले जा रहे हैं। नरेश कुमार नाम के एक ग्राहक ने यहां एक प्लेन डोसा और हाफ चिकन करी ऑर्डर की थी। खाना खत्म होने के बाद जब उन्होंने बिल देखा तो उनके होश उड़ गए। बिल में खाने के दाम के साथ-साथ 30 रुपये का 'गैस चार्ज' (Gas Charge) भी जोड़ा गया था! इसका मतलब है कि होटल मालिक अपने ईंधन का खर्च भी ग्राहकों के सिर पर डाल रहे हैं।

पीजी तक भी पहुंची आंच

यह लूट सिर्फ होटलों तक ही सीमित नहीं है। शहर के कई पीजी (PG) में भी LPG की कमी का बहाना बनाकर मेन्यू में कटौती कर दी गई है। छात्र और नौकरी करने वाले लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें अब पहले जैसी वैरायटी वाले खाने नहीं मिल रहे। मजबूरी में अगर वे बाहर के होटलों में जाते हैं, तो वहां गैस के नाम पर उनसे अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं।

बेंगलुरु पुलिस से शिकायत

इस नाइंसाफी से नाराज ग्राहक नरेश कुमार ने अपने बिल की कॉपी सोशल मीडिया पर शेयर कर दी है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या खाने के पैसे देने के साथ-साथ अब हमें गैस के लिए भी भुगतान करना होगा?" उन्होंने बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए होटल मालिकों की इस लूट पर लगाम लगाने की अपील की है। बाजार में मामूली कमी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और ग्राहकों की जेब काटने के इस तरीके पर लोग काफी गुस्सा हैं।