बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं, इन दिनों कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आज 30 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी रिजाइन किया है। 

बिहार से इस वक्त सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी कल एमएलसी पद से रिजाइन कर दिया है। बता दें कि नीतीश और नवीन दोनों ही नेता अब राज्यसभा में अपनी राजनीतिक पारी की नई शुरुआत करेंगे। वहीं बिहार में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी तेज है। पिछले कई दिनों से कई बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। जल्द ही नीतीश सीएम पद से इस्तीफा देंगे और बिहार को नया चीफ मिनिस्टर मिलेगा।

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मुख्यमंत्री नीतीश ने 29 शब्दों में भेजा इस्तीफा

मुख्यमंत्री ने अपना त्याग पत्र 29 शब्दों में भेजा है। जिसे विजय चौधरी और MLC संजय गांधी लेकर विधान परिषद पहुंचे। वहीं कल रविवार को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार BJP के अध्यक्ष संजय सरावगी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे लेकर संजय सरावगी विधानसभा पहुंच गए हैं। अब बिहार के यह दोनों दिग्गज नेता उच्च सदन में देखने को मिलेंगे

नीतीश कुमार अब करेंगे दिल्ली की राजनीति

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार16 मार्च को राज्यसभा सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए हैं। अब जल्दी ही नीतीश सीएम पद से भी रिजाइन करने वाले हैं। इसको लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बिहार के भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा तेज हो गई है। क्योंकि नीतीश बाबू अब सेंट्रल की राजनीति करेंगे। नीतीश राज्यसभा में जाने के बाद वो उन गिने-चुने नेताओं की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद इन चारों सदनों का प्रतिनिधित्व किया है।

नितिन नवीन ने मां के लिए किया भावुक पोस्ट

  • बता दें कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रिजाइन करने से पहले मां के लिए एक इमोशनल पोस्ट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा-माँ की परछाई तो नहीं है, पर माँ का एहसास आज भी उसी तरह जीवंत है। पिछले 5 वर्षों में कई मुकाम और प्रतिष्ठा मिली, पर उन सब के बीच में कुछ खालीपन का एहसास हमेशा दिल को कचोटता भी है। मेरे मंत्री बनने के कुछ दिन बाद माँ हम सब को छोड़कर चली गई, लगता है जैसे वो उसी दिन के इंतजार में थी, मुझे आशीर्वाद दिया फिर अपनी अंतिम यात्रा पर चली गई।
  • माँ के होने और न होने का अंतर शायद वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने माँ को खोया हो। मित्रों, जब तक माँ है उसको पूरा सम्मान एवं समय दो, दुनिया की सबसे कीमती चीज़ माँ है। जब तक वो है उसको हमेशा खुश रखो और पूरा समय दो, क्योंकि जो उसने दिया है वो तुम्हें कोई दे ही नहीं सकता। माँ तुम्हारे अंदर का विश्वास है, माँ हर खुशी है, माँ तुम्हारी ऊर्जा है जिससे तुम दुनिया से लड़ते हो। माँ के श्री चरणों को शत्–शत् बार नमन।

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