Tejashwi Yadav News : बिहार के सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग का मामला अब बढ़ गया है। क्योंकि अब इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। साथ एक बड़े चेतावनी भी दी है।
पटना (बिहार): बिहार के सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 से चली गोलियों पर बवाल मच गया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने सीधा सवाल किया कि आखिर किसके आदेश पर पुलिस ने बंदूक उठाई और इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
- ANI से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार को ये साफ करना चाहिए कि क्या पुलिस के बड़े अधिकारियों या फिर राज्य के गृह मंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया था।
- तेजस्वी ने कहा, "एक सिपाही पर कार्रवाई करना अलग बात है। लेकिन एक्शन किसके ऑर्डर पर लिया गया? क्या एसपी पर कार्रवाई हुई? क्या यह बिहार के गृह मंत्री, यानी मुख्यमंत्री का आदेश था? उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए, बयान देना चाहिए कि किसके कहने पर यह सब हुआ. और हम इस मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हैं।
तेजस्वी ने दे डाली बड़ी चेतावनी
- तेजस्वी ने चेतावनी भी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए और छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो 'बड़ा आंदोलन' होगा।
- उन्होंने कहा, "और अगर आज शाम तक ये लोग केस वापस नहीं लेते और छात्रों को नहीं छोड़ते, तो हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे."
- उन्होंने आरोप लगाया कि फायरिंग सीधे प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधकर की गई थी और दावा किया कि इस घटना में तीन छात्र घायल हुए हैं।
- तेजस्वी ने कहा, "देश के किसी भी राज्य में, यहां तक कि दिल्ली में भी, AK-47 से गोलियां नहीं चलाई गईं। तो बिहार में किसके आदेश पर AK-47 से गोलियां चलीं? और अगर आप गोलियों के फुटेज देखें, तो कोई हवाई फायरिंग नहीं हुई. निशाना लगाकर फायरिंग की गई, और तीन छात्रों को गोलियां लगीं."
- तेजस्वी ने बताया कि वो तीनों घायल छात्रों से मिल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब भी कई छात्रों को गिरफ्तार कर रही है, जबकि भरोसा दिया गया था कि केस वापस होंगे और गिरफ्तार लोगों को छोड़ दिया जाएगा।
तेजस्वी ने सीएम सम्राट से मांगा पूरा हिसाब
- तेजस्वी ने पूछा, "लाठीचार्ज के लिए भी ऊपर से ऑर्डर आता है। क्या आपको लगता है कि बिना ऑर्डर के AK-47 चल गई? एक बात साफ है: भीड़ को कंट्रोल करने का एक पूरा प्रोटोकॉल होता है। क्या इन लोगों ने उस प्रोटोकॉल का पालन किया?"
- तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी इस फायरिंग पर सफाई मांगी। उन्होंने याद दिलाया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के ही पास है।
- उन्होंने कहा, "हम न्यायिक जांच की मांग करते हैं, और मुख्यमंत्री को खुद इस पर सफाई देनी चाहिए क्योंकि गृह मंत्रालय उनके ही कंट्रोल में है. उन्हें बताना होगा कि किसके आदेश पर गोलियां चलीं और असल में हुआ क्या था
जानिए क्या है पूरा मामला
ये पूरा मामला शनिवार को बिहार के सीवान में हुए उस प्रदर्शन के बाद गरमाया है, जहां कथित परीक्षा धांधली और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए थे। पत्थरबाजी की खबरों के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. इसी हंगामे के दौरान AK-47 से फायरिंग की घटना भी सामने आई। सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने सोमवार को ANI को बताया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 चलाते दिखे पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


