Samrat Choudhary Departments List: बिहार में विभागों का बंटवारा तय, CM सम्राट चौधरी के पास 29 मंत्रालय। डिप्टी CM विजय चौधरी और विजेंद्र यादव को भी अहम जिम्मेदारी। जानिए किसके पास कौन सा विभाग और क्या हैं इसके राजनीतिक मायने।

Bihar Cabinet Portfolio Distribution 2026: बिहार की राजनीति में नई सरकार के गठन के बाद अब सबसे अहम फैसला भी सामने आ गया है, किसके पास कौन सा विभाग रहेगा। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास सबसे ज्यादा 29 विभाग रखे हैं। वहीं डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह बंटवारा सिर्फ पदों का नहीं, बल्कि आने वाले समय में बिहार की नीतियों और फैसलों की दिशा भी तय करेगा।

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CM सम्राट चौधरी के पास सबसे ज्यादा ताकत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुल 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जो अपने आप में एक बड़ा संकेत है। इनमें सबसे अहम विभाग शामिल हैं-

  • गृह
  • सामान्य प्रशासन
  • स्वास्थ्य
  • कृषि
  • पथ निर्माण
  • नगर विकास एवं आवास
  • उद्योग
  • आपदा प्रबंधन
  • पंचायती राज

इतने बड़े विभागों का एक ही व्यक्ति के पास होना यह दिखाता है कि सरकार का कंट्रोल और फैसलों की कमान सीधे मुख्यमंत्री के हाथ में रहेगी।

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डिप्टी CM विजय चौधरी को मिले 10 अहम विभाग

डिप्टी सीएम विजय चौधरी को 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें शामिल हैं—

  • शिक्षा और उच्च शिक्षा
  • जल संसाधन
  • सूचना एवं जनसंपर्क
  • ग्रामीण विकास
  • परिवहन
  • संसदीय कार्य

इन विभागों का सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है, खासकर शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे सेक्टर में।

विजेंद्र यादव को 8 विभाग, ऊर्जा और विकास की जिम्मेदारी

दूसरे डिप्टी सीएम विजेंद्र प्रसाद यादव को 8 विभाग दिए गए हैं, जिनमें-

  • ऊर्जा
  • योजना एवं विकास

जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। यह विभाग राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की योजनाओं से जुड़े हुए हैं।

क्या संकेत देता है यह बंटवारा?

इस विभाग बंटवारे से साफ है कि सरकार ने पावर का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन सबसे ज्यादा नियंत्रण मुख्यमंत्री के पास रखा गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि-

  • बड़े और संवेदनशील विभाग CM के पास रखना एक रणनीतिक फैसला है
  • डिप्टी CM को ऐसे विभाग दिए गए हैं, जिनसे सीधे जनता जुड़ी है

जनता के लिए क्या बदलेगा?

अब असली सवाल यह है कि इस बंटवारे का असर आम लोगों पर क्या होगा?

अगर विभागों के बीच तालमेल अच्छा रहा, तो विकास कार्यों में तेजी आ सकती है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ सकते हैं. लेकिन अगर तालमेल नहीं बना, तो फैसलों में देरी और कामकाज पर असर भी पड़ सकता है। बिहार में विभागों का यह बंटवारा नई सरकार की प्राथमिकताओं को साफ दिखाता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जिम्मेदारियां संभालने वाले नेता इन विभागों को कैसे चलाते हैं और क्या वाकई इससे राज्य के विकास को नई रफ्तार मिलती है या नहीं।

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