बिहार के 'गोल्डमैन' इंद्रजीत कुमार ने सोना खरीदना बंद करने का फैसला क्यों लिया? इंद्रजीत कुमार के पास वर्तमान में लगभग कितने मूल्य का सोने का कलेक्शन है? इंद्रजीत को भारी सोने के गहने पहनने की प्रेरणा किससे मिली? इंद्रजीत कुमार ने 2030 तक अपने लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया है?
गया: बिहार में 'गोल्डमैन' के नाम से मशहूर 26 साल के बिजनेसमैन इंद्रजीत कुमार ने फिलहाल सोना खरीदना बंद कर दिया है। शरीर पर किलो भर सोना लादकर चलने वाले इंद्रजीत ने ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील के बाद लिया है। पीएम मोदी ने लोगों से विदेशों से महंगा सोना खरीदने से बचने की बात कही थी। गया के रहने वाले इंद्रजीत का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील हमेशा देशहित में होती है, इसलिए वे इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि अगर देश को जरूरत पड़ी तो वे अपने 12 करोड़ रुपये के सोने के कलेक्शन को भी दान करने के लिए तैयार हैं।

गया शहर के मुरारपुर काली स्थान गोलबगीचा के रहने वाले इंद्रजीत कुमार हमेशा अपने शरीर पर करीब एक किलोग्राम सोना पहने रहते हैं। उनके गले में सोने की मोटी चेन, हाथों में भारी-भरकम कड़े, दसों उंगलियों में बड़ी-बड़ी अंगूठियां और सोने की घड़ी हर किसी का ध्यान खींच लेती है। इंद्रजीत बताते हैं कि उन्हें भारी सोने के गहने पहनने की प्रेरणा मशहूर गायक बप्पी लहिरी से मिली। पुराने मोटर साइकिल, कार और स्मार्टफोन का बिजनेस करने वाले इंद्रजीत अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सोने में लगाते हैं। उनके पिता दलजीत कुमार का कहना है कि इंद्रजीत बाकायदा टैक्स और जीएसटी चुकाते हैं।
पिछले कई सालों से इंद्रजीत हर महीने 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक का सोना खरीदते आ रहे थे। लेकिन पीएम की अपील के बाद, मई महीने में उन्होंने कोई सोना नहीं खरीदा। उनकी आखिरी खरीदारी अप्रैल में हुई थी। उन्होंने अपने कुछ बड़े प्लान भी फिलहाल टाल दिए हैं, जिसमें 1.5 किलोग्राम की एक स्पेशल सोने की शर्ट बनवाना और अपनी बुलेट मोटरसाइकिल के लिए सोने के पार्ट्स बनवाना शामिल था। सोने के गहनों का यह शौक 2018 में शुरू हुआ था, जो अब उनकी पहचान बन चुका है। इंद्रजीत का लक्ष्य 2030 तक 7 से 8 किलोग्राम सोना जमा करना और देश का सबसे बड़ा 'गोल्डमैन' बनना है।
