बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक पार्टी की दही-चूड़ा दावत से गायब रहे, जिससे उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इसे अफवाह बताया, लेकिन NDA नेताओं ने विधायकों के जल्द शामिल होने का दावा किया है।

पटना: बिहार में कांग्रेस विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं। मकर संक्रांति के मौके पर पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस की पारंपरिक 'दही-चूड़ा' दावत से छह विधायकों का गायब रहना, बिहार की राजनीति में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस विधायकों ने एनडीए नेताओं से बातचीत की है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब विधायक पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रहे हैं। इससे पहले, मनरेगा का नाम बदलने के केंद्र सरकार के कदम पर चर्चा के लिए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की बुलाई बैठक से भी तीन विधायक गायब थे। 'दही-चूड़ा' दावत से दूर रहने वालों में मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, अभिषेक रंजन, आबिदुर रहमान, मोहम्मद कमारुल होदा और मनोज बिस्वान शामिल हैं।

कांग्रेस का रुख

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि विधायक दूसरे कामों में व्यस्त होने की वजह से नहीं आ पाए और पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाह बताया। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मंत्री संजय सिंह ने दावा किया कि 15 तारीख के बाद कांग्रेस विधायक एनडीए में शामिल हो जाएंगे। बीजेपी नेता राम कृपाल यादव ने भी संकेत दिया कि कांग्रेस के अलावा आरजेडी के विधायक भी एनडीए की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, आरजेडी ने इसका खंडन किया है। पिछले विधानसभा चुनाव में 61 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस सिर्फ छह सीटें ही जीत पाई थी। अगर ये छह विधायक भी पाला बदलते हैं, तो बिहार में कांग्रेस एक बड़े संकट में पड़ जाएगी।