Honor Killing In Bijnor: बिजनौर के स्योहारा में ऑनर किलिंग की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां प्रेम विवाह से नाराज भाइयों ने युवक गुलशन को ट्रेन के आगे धक्का देकर मार डाला। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने एक बार फिर “ऑनर किलिंग” जैसे सामाजिक कलंक को चर्चा में ला दिया है। स्योहारा थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपनी पसंद से शादी कर ली थी। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में आज भी मौजूद जातीय और पारिवारिक हिंसा की कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है।

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प्रेम विवाह बना मौत की वजह

मृतक युवक की पहचान 24 वर्षीय गुलशन, निवासी ग्राम जुझैला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गुलशन का गांव रहटौली की एक युवती से पिछले तीन-चार वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, गुलशन दलित समुदाय से और युवती सैनी समाज से। परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव के बावजूद दोनों ने लगभग 15 दिन पहले कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि शादी के बाद युवती अपने मायके में ही रह रही थी, जिससे विवाद और गहराता चला गया।

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सुनियोजित साजिश और बेरहमी से हत्या

पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 अप्रैल की रात गुलशन अपनी पत्नी से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान युवती के भाइयों अतर सिंह और पंकज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते में रोक लिया। गुलशन के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसे जबरन पास के महमूदपुर रेलवे ट्रैक पर ले जाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने शव को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया, ताकि मामला दुर्घटना या आत्महत्या जैसा लगे।

परिवार का आरोप और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई

मृतक के पिता नृपेन्द्र सिंह ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई और स्योहारा पुलिस को तहरीर दी। स्थानीय स्तर पर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े लोगों ने भी विरोध दर्ज कराया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। शुरुआती जांच में पुलिस को कई ऐसे संकेत मिले, जो यह साफ कर रहे थे कि यह एक सुनियोजित हत्या है, न कि कोई हादसा।

पुलिस जांच में खुला राज, तीन गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पूर्वी ए. के. श्रीवास्तव ने तत्काल विशेष टीमें गठित कीं। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अतर सिंह, राहुल सैनी और रजनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

सामाजिक सवाल और कानून की चुनौती

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज में आज भी मौजूद जातीय असहिष्णुता और “ऑनर” के नाम पर होने वाली हिंसा की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में समय पर कानूनी हस्तक्षेप और सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि ऑनर किलिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई और तेज़ ट्रायल ही ऐसे अपराधों को रोकने में प्रभावी हो सकते हैं।

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