बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 10 अक्टूबर को महासचिवों के साथ तीन घंटे से ज्यादा बैठक की। इसमें युवाओं तक पहुंच, SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन और राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा हुई।
विपक्ष जहां चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सड़कों पर विरोध दर्ज करा रहा है, वहीं बीजेपी ने संगठन की रणनीति पर मंथन तेज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों के साथ तीन घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। इसमें संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और युवाओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की रणनीति की समीक्षा की गई।
युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर बीजेपी का फोकस
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। महासचिवों से इन अभियानों का फीडबैक लिया गया और संगठन के सामने मौजूद चुनौतियों पर विचार किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री से जुड़े जनसरोकार के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे कार्यक्रमों समेत अन्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। पार्टी की कोशिश इन अभियानों के जरिए विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की है।
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SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन का भी लिया फीडबैक
बैठक ऐसे समय हुई, जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर जमीनी स्तर से मिले फीडबैक पर भी चर्चा की। हालांकि, इस मुद्दे पर बैठक में लिए गए किसी विशिष्ट फैसले या नई रणनीति की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल इसे संगठनात्मक समीक्षा और राजनीतिक हालात के आकलन के तौर पर देखा जा सकता है।
महासचिवों को राज्यों के दौरे के निर्देश
बैठक में अलग-अलग राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारियों के दौरों की भी समीक्षा की गई। सूत्रों के मुताबिक, जिन पदाधिकारियों ने अभी तक अपने प्रभार वाले राज्यों का दौरा नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द दौरा पूरा करने के निर्देश दिए गए। बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि नितिन नवीन ने राष्ट्रीय महासचिवों के साथ संगठनात्मक मामलों और पार्टी के आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। आने वाले दिनों में इन बैठकों से मिले फीडबैक के आधार पर संगठन की गतिविधियों को गति देने पर पार्टी का जोर रह सकता है।
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