SIR Controversy: SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग की।
चुनाव और मतदाता सूची को लेकर जारी सियासी टकराव अब राष्ट्रपति भवन से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है। INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर सवाल उठाए। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। अब राहुल गांधी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।
राष्ट्रपति से मुलाकात, ‘वोट चोरी’ के सबूतों पर चर्चा
विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला, मनोज झा, डी राजा समेत कई नेता शामिल रहे। मुलाकात के बाद खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें सुनीं और मामले में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
खरगे के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत मांगे हैं। विपक्ष का कहना है कि वह संबंधित तथ्यों को जुटाकर राष्ट्रपति के सामने रखेगा। हालांकि, मुलाकात के दौरान हुई बातचीत और आश्वासन को लेकर नेताओं के बयान विपक्ष की ओर से दिए गए हैं।
यह भी पढ़ें: "मैंने इमरजेंसी देखी है" कपिल सिब्बल के इस एक बयान ने उड़ाई सियासी नींद, जानिए अंदर की बात
राहुल गांधी का ऐलान, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे को आगे भी उठाएगा और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। ये आरोप विपक्ष के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। विपक्ष ने EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। SIR के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता को लेकर उसकी आपत्तियां इस विवाद के केंद्र में हैं।
ममता बनर्जी बोलीं- INDIA गठबंधन एकजुट
ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर एकजुट है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर विस्तृत तथ्य और सबूत देने की बात कही। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर प्रियंका गांधी ने सवाल उठाते हुए इसे डर और कायरता बताया।
अब इस पूरे मामले में विपक्ष की ओर से पेश किए जाने वाले सबूत, सुप्रीम कोर्ट में उठाए जाने वाले मुद्दे और चुनाव आयोग का पक्ष अहम होगा। फिलहाल, चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।
यह भी पढ़ें; CM मोहन यादव 11 अक्टूबर को जारी करेंगे ₹502 करोड़, जानिए किन स्कूलों को मिलेगा पैसा
