भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने के लिए BSF एक अनोखे प्लान पर विचार कर रही है। जिन नदी वाले इलाकों में बाड़ लगाना मुश्किल है, वहां सुरक्षा के लिए सांप और मगरमच्छों को तैनात करने की संभावना तलाशी जा रही है।

नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) एक बहुत ही अनोखे आइडिया पर काम कर रहा है। 'द हिंदू' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BSF उन नदी वाले सीमाई इलाकों में घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए सांप और मगरमच्छों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है, जहां बाड़ लगाना मुश्किल है।

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भारत की पूर्वी सीमा, खासकर बांग्लादेश के साथ लगे बॉर्डर का एक बड़ा हिस्सा नदियों वाला है। यहां भौगोलिक चुनौतियों और बार-बार आने वाली बाढ़ की वजह से पारंपरिक तरीके से फेंसिंग यानी बाड़ लगाना बहुत मुश्किल काम है। ऐसे में BSF यह पता लगा रही है कि क्या इन जगहों पर प्राकृतिक शिकारी जानवरों, जैसे सांप और मगरमच्छों को तैनात करना घुसपैठ रोकने का एक असरदार तरीका हो सकता है।

यह आइडिया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक सुझाव के बाद सामने आया है। BSF के हेडक्वार्टर ने अपनी फील्ड यूनिट्स को इस प्लान की व्यावहारिकता यानी प्रैक्टिकैलिटी की स्टडी करने का आदेश दिया है। 9 फरवरी को दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इस पर चर्चा हुई थी। मीटिंग में फील्ड यूनिट्स से रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या बॉर्डर के कुछ खास हिस्सों में सुरक्षा के लिए इन सरीसृपों (Reptiles) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

अभी शुरुआती स्टेज में है प्लान

अधिकारियों ने साफ किया है कि यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है, सिर्फ इस पर विचार किया जा रहा है। BSF के एक अधिकारी ने बताया, "इस आइडिया में कई प्रैक्टिकल दिक्कतें हैं। जैसे, ये जानवर कहां से लाए जाएंगे? इन्हें संभाला कैसे जाएगा? और सबसे जरूरी, बॉर्डर के पास रहने वाले आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? इन सभी सवालों पर हमें गंभीरता से स्टडी करनी होगी।"

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे प्राकृतिक इकोसिस्टम का इस्तेमाल कर बॉर्डर की सुरक्षा करने का एक क्रिएटिव आइडिया बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे किसी फिल्मी कहानी जैसा बताकर शक जता रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सांपों को कैसे कंट्रोल किया जाएगा और क्या इससे स्थानीय लोगों को कोई खतरा नहीं होगा?