केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत विज़न को साकार करता है। यह बजट मध्यप्रदेश में निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास, हरित अर्थव्यवस्था और सामाजिक समावेश को नई दिशा देता है।

भोपाल। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इस बजट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विशेष लेख लिखा।

भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 इसी विज़न को साकार करने वाला बजट है।

यह बजट मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। इससे उद्योगों को सरल प्रक्रियाएं, निवेशकों को भरोसेमंद माहौल, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत सहयोग और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

आत्मनिर्भर भारत को मज़बूत आधार देने वाला बजट 2026-27

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई आत्मनिर्भर भारत की नींव को बजट 2026-27 ने और अधिक सशक्त बनाया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेज़ी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उद्यमिता के सामूहिक प्रयास से भारत ने आगे बढ़ने का जो संकल्प लिया है, वह अद्भुत और ऐतिहासिक है। आज भारत औद्योगिक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। इस परिवर्तन में मध्यप्रदेश भी पूरी क्षमता के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

मध्यप्रदेश में निवेश और हरित अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा

मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण पहले ही तैयार किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप लगातार निवेश बढ़ रहा है। केंद्रीय बजट 2026-27 ने पूरे आर्थिक इकोसिस्टम को नई ऊर्जा प्रदान की है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। इसके साथ ही कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी इस बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति पर केंद्रित समावेशी बजट

केंद्रीय बजट 2026-27 गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है। मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे आधुनिकीकरण को यह बजट और मजबूती देता है। युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए नए अवसर सृजित किए गए हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन तथा 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन, खेल और सेवा क्षेत्र से युवाओं को नए अवसर

पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स के कौशल उन्नयन की योजना युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सहायक होगी। वहीं, खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। सेवा क्षेत्र के विस्तार से युवा भारत के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खुलेंगे। महिलाओं के लिए एमएसएमई ग्रोथ फंड में 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा और लखपति दीदी योजना

महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्यम स्वामित्व से जोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश पहले से ही इस दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी।

सिटी इकॉनॉमिक रीजन नीति से शहरी विकास को गति

सिटी इकॉनॉमिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक-व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक सुगमता में व्यापक सुधार आएगा और निवेश-अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा।

सामाजिक समावेश और मानव-पूंजी निर्माण पर विशेष फोकस

बजट 2026-27 में सामाजिक समावेश पर विशेष ध्यान दिया गया है। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा-कौशल आधारित पहलों से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव-पूंजी का निर्माण होगा, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और मध्यप्रदेश का भविष्य

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की मजबूत आधारशिला रखता है। केंद्रीय बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का ऐतिहासिक अवसर है, जो राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।