CEC Gyanesh Kumar Controversy : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महाभियोग लाने की तैयारी में हैं। उन पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप है। तो आइए जानते हैं भारत के CEC को कितनी सैलरी और क्या क्या सुविधाएं मिलती हैं।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद चर्चा में बने हुए हैं। विपक्षी दल उनको हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी कर रहा है। क्योंकि उनपर आरोप हैं कि उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर लिए गए फैसले अपनी तरफ से लिए थे। जबकि तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने इसका विरोध किया था। अब राजनीतिक दलों ने उनपर सरकार के साथ मिलीभगत और वोट चोरी करने का आरोप लगाया है। तो आइए जानते हैं उनकी सैलरी और प्रोफाइल के बारे में…
कितनी मिलती है चुनाव आयुक्त को सैलरी?
सैलरी: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को ₹2,50,000 से ₹3,50,000 तक की सैलरी और भत्ते मिलते हैं।
- बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद मंत्रियों-सांसदों से भी कहीं ऊपर होता है। इन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों या सरकार के उच्च पदों पर समकक्ष वेतन दिया जाता है।
भत्ते: बता दें कि वेतन के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) या सरकारी आवास, और अन्य आधिकारिक खर्चों के लिए भत्ते मिलते हैं।
सुविधाएं: जहां तक मुख्य चुनाव आयुक्त को सुविधाओं की बात करें तो दिल्ली के सबसे पॉश इलाके में सरकारी बंगला, माली से लेकर रसोईया और सुरक्षा गार्ड तक मिलते हैं। वहीं सरकारी गाड़ी, ड्राइवर और पूरे परिवार को मेडिकल सुविधाएं भी जााती हैं।
कौन हैं चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार?
- ज्ञानेश कुमार, 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं। मार्च 2023 में चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए थे। ज्ञानेश कुमार ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक (B.Tech) किया है। वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) से भी पढ़ाई किए हैं।
क्या क्या जिम्मेदारियां निभा चुके हैं ज्ञानेश कुमार
- देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, गृहमंत्रालय (Home Ministry) में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
- उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने (Article 370 ) और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के ड्राफ्टिंग में अहम भूमिका निभाई थी।
- वह राम मंदिर केस (Ram Mandir Case) से जुड़े कानूनी दस्तावेजों को भी संभालने के लिए जाने जाते हैं।
- वह अमित शाह के सहकारिता मंत्रालय (Cooperation Ministry) में सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं।


