पश्चिम एशिया युद्ध से होटलों में LPG संकट के चलते सरकार ने रेस्टोरेंट्स को कोयला-केरोसिन इस्तेमाल की इजाजत दी है। घरेलू LPG का पर्याप्त स्टॉक है, अतः पैनिक बुकिंग न करें। ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर बुकिंग के लिए 45 दिन का गैप रखा गया है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देश के होटलों में LPG गैस सिलेंडर का संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को सुलझाने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक अहम कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल सिलेंडरों के बजाय कोयला और केरोसिन इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में कोयला और केरोसिन की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब गैस संकट के चलते देश के कई शहरों में होटल बंद हो रहे थे।

ब्लैक मार्केट में एक सिलेंडर की कीमत 5000 रुपये तक पहुंच गई थी, जिसके बाद कई होटलों ने लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया था। पेट्रोलियम मंत्रालय को उम्मीद है कि कोयला और केरोसिन के इस्तेमाल की इजाजत मिलने से होटल इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी।

LPG बुकिंग के लिए 45 दिन का गैप

इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे गैस सप्लाई को लेकर घबराएं नहीं और गलत खबरें न फैलाएं। मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए लोग बेवजह पैनिक बुकिंग न करें। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि LPG की कमी को लेकर गलत खबरें नहीं फैलानी चाहिए। टीवी चैनलों को भी इस मामले में पड़ताल करनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा, "एक ही जैसे विजुअल्स पूरे दिन नहीं दिखाए जाने चाहिए। कई जगहों पर समस्या सुलझ गई है, लेकिन चैनल वही पुराने विजुअल्स दिखा रहे हैं। इस पर स्पष्टता होनी चाहिए।"

सरकार ने बताया कि बड़े संकट से बचने के लिए बुकिंग में कुछ छोटे प्रतिबंध लगाए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर बुक करने के लिए अब 45 दिनों का अंतराल रखा गया है। देश में रोजाना 50 लाख सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं। केंद्र ने लोगों से घबराहट फैलाने वाली खबरों से बचने की अपील की है।