छत्तीसगढ़ के एक कांस्टेबल का वर्दी में डांस का वीडियो वायरल होने के बाद उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है। ऑनलाइन तारीफ पाने वाले इस क्लिप ने प्रोफेशनलिज्म और अनुशासन पर एक नई बहस छेड़ दी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक पुलिसवाले का वायरल डांस रील सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने एक्शन लिया है। मस्तूरी पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल देवानंद कैवर्त्य को वर्दी में डांस करने के आरोप में बिलासपुर रिजर्व सेंटर में लाइन अटैच कर दिया गया है। वीडियो में वह अपनी पत्नी के साथ संबलपुरी गाने "हाय रानी, हेलो रानी" पर डांस करते दिख रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद यह रील और भी पॉपुलर हो गई और कई लोगों ने ऑनलाइन इसकी तारीफ की। हालांकि, सीनियर अधिकारियों का मानना था कि वर्दी में इस तरह का कंटेंट रिकॉर्ड करना गलत है। बिलासपुर के SSP रजनेश सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए, जिसमें यह पाया गया कि यह हरकत विभागीय अनुशासन और पेशेवर मानकों का उल्लंघन है।
वर्दी और अनुशासन पर उठी बहस
SSP सिंह ने मीडिया से बात करते हुए जोर दिया कि पुलिस की वर्दी सम्मान और अधिकार का प्रतीक है, जिसके साथ हर समय एक जिम्मेदारी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि वर्दी में होने का मतलब है कि आप ड्यूटी पर हैं, और मनोरंजन के लिए रील बनाना उस गंभीरता को कम करता है जिसकी उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा, "इस रील का मिजाज वर्दी के अनुशासन से मेल नहीं खाता।"
अधिकारियों ने पुष्टि की कि कैवर्त्य ने पहले भी दूसरे वीडियो बनाए थे, लेकिन उन पर कोई आपत्ति नहीं हुई थी। हालांकि, इस बार मामला हद से आगे बढ़ गया। जांच में पाया गया कि यह हरकत फोर्स की गरिमा के खिलाफ है और वर्दी का इस्तेमाल निजी मनोरंजन या सोशल मीडिया कंटेंट के लिए नहीं किया जा सकता।
SSP ने यह भी कहा कि अगर वर्दी में कोई मोटिवेशनल या सही संदर्भ वाला कंटेंट हो तो शायद उस पर आपत्ति न हो, लेकिन इस तरह की रील्स जनता के भरोसे को कमजोर कर सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्दी में रील बनाने का बढ़ता चलन एक चिंता का विषय है और इससे सख्ती से निपटा जाएगा।
