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चित्रकूट किडनैप-मर्डर केस: किराएदार ही निकला बच्चे का कातिल, मांगी 40 लाख फिरौती-पुलिस ने किया ढेर
UP Police Encounter News: 40 लाख की फिरौती, भरोसे की हत्या और 12 घंटे में एनकाउंटर…चित्रकूट में कारोबारी के 13 साल के बेटे आयुष की किडनैपिंग ने सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बक्से में मिली लाश और एनकाउंटर के बाद अब कई सवाल बाकी हैं।

Chitrakoot Kidnapping Murder: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से आई यह खबर पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। यहां एक कपड़ा कारोबारी के 13 साल के बेटे आयुष के अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी, फिर बच्चे की गला घोंटकर हत्या की और शव को बक्से में भरकर छिपा दिया। घटना के 12 घंटे के भीतर पुलिस एनकाउंटर में आरोपी कल्लू मारा गया, जबकि उसका साथी इरफान घायल हो गया। यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि भरोसे, लापरवाही, खौफ और कानून व्यवस्था पर उठते सवालों की पूरी कहानी बन गया है।
कहां और कैसे हुई घटना?
चित्रकूट के बरगढ़ निवासी कारोबारी अशोक केशरवानी ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 6 बजे आयुष घर के बाहर खेल रहा था, तभी उसे बाइक और साइकिल सिखाने के बहाने अगवा कर लिया गया। कुछ ही घंटों बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिए 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो बच्चे की हत्या कर दी जाएगी। अशोक केसरवानी ने फिरौती देने की बजाय पुलिस को सूचना दी। लेकिन इससे पहले कि कोई मदद पहुंचती, बदमाशों ने रस्सी से गला घोंटकर और सीने पर पत्थर से वार करके बच्चे की हत्या कर दी। शव को एक एल्यूमिनियम के बक्से में बंद कर फरार हो गए।
क्या भरोसे ने ही आयुष को मौत तक पहुंचाया?
आयुष अपने घर के बाहर खेल रहा था। उसे नहीं पता था कि जिन लोगों को वह “भैया” कहता था, वही उसकी जिंदगी के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं। कल्लू और इरफान पिछले कई दिनों से आयुष को बाइक और साइकिल चलाना सिखा रहे थे। यही भरोसा उनके लिए रास्ता बन गया अपहरण का।
#चित्रकूट_ब्रेकिंग
बरगढ़ में व्यापारी के 13वर्ष के नौनिहाल बेटे आयुष नृशंस हत्या।
व्यापारी अशोक केसरवानी सहित पूरे परिवार में हाहाकार। पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद।
बन्द बक्से में मिला माशूम का शव किराएदार कल्लू और इरफान पर हत्या का आरोप। pic.twitter.com/xN6YbN7Pyh— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) January 23, 2026
40 लाख की फिरौती क्यों मांगी गई?
अपहरण के दो घंटे बाद कारोबारी अशोक केसरवानी को व्हाट्सऐप कॉल आई। साफ शब्दों में कहा गया-“40 लाख दो, वरना बच्चे को मार देंगे।” परिवार ने डरकर पैसे देने के बजाय पुलिस को सूचना दी। यही फैसला बदमाशों को डराने लगा और उन्होंने पकड़े जाने के डर से आयुष की हत्या कर दी।
घर से 100 मीटर दूर मिला मौत का सबूत
पुलिस ने जब फिरौती कॉल की लोकेशन ट्रेस की, तो पता चला कि मोबाइल नंबर कारोबारी के घर से महज 100 मीटर दूर एक्टिव था। इसके बाद पुलिस इरफान के घर पहुंची, जहां एक ताला लगा हुआ बक्सा मिला। ताला तोड़ने पर अंदर से आयुष का शव बरामद हुआ। यह दृश्य पूरे इलाके को दहला देने वाला था। बदमाशों ने आयुष का गला रस्सी से घोंटा, फिर पत्थर से सीने पर कई वार किए और शव को एक बक्से में भरकर ताला लगा दिया।
गुस्से में व्यापारी, हाईवे जाम और 5 बड़ी मांगें
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। परिजनों और व्यापारियों ने नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। परिवार की मांग है कि-
- सभी आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए
- दोषियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई हो
- पीड़ित परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले
- प्रदर्शनकारियों पर कोई FIR न हो
- व्यापारियों को सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस दिया जाए
एनकाउंटर इंसाफ है या मजबूरी?
शुक्रवार सुबह पुलिस ने लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों को जंगल इलाके में घेर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में 70 वर्षीय आरोपी कल्लू मारा गया, जबकि इरफान घायल होकर गिरफ्तार हुआ। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 118 दिनों में 16वां एनकाउंटर हुआ है। यानी औसतन हर हफ्ते एक एनकाउंटर।
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