CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने रिहाई के बाद केंद्र और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। फोन हैकिंग, हिरासत और प्रदर्शनकारियों को परेशान करने के आरोप लगाए।
CJP Leaders Press Conference: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की 24 घंटे की हिरासत से रिहा होने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर जमकर निशाना साधा। सौरव दास ने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात हैं। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, परिवहन सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए और राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।
दास ने दावा किया कि सरकार और पुलिस प्रदर्शन को रोकने के साथ-साथ जेन-जी आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, आशुतोष रांका ने अपनी रिहाई के लिए लगाई गई शांति भंग नहीं करने की शर्त पर सवाल उठाए। सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत के दौरान उनके अधिकारों का उल्लंघन किया।
CJP का आरोप- दिल्ली को किले में बदला गया
सौरव दास ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि दिल्ली में करीब 40,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन, दुकानें और सड़कें बंद करके आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, सरकार जेन-जी यानी युवा पीढ़ी के आंदोलन को गलत तरीके से पेश करना चाहती है।
सौरव दास बोले- विमान से उतरते ही पुलिस ने किया किडनैप
दास ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विमान उतरने के बाद पुलिसकर्मी सीढ़ियों से विमान तक पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा, "जब हम उतरे, तो पुलिस तुरंत विमान की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर चढ़ गई और हमारा अपहरण कर लिया।" दास के मुताबिक, हिरासत के बाद उनके फोन जब्त कर लिए गए। पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें हिरासत के दस्तावेज नहीं दिए और न ही कार्रवाई का आधार बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने वकील उपलब्ध कराने से इनकार किया और कहा कि नजरबंदी के दौरान उनके पास कोई अधिकार नहीं है।
फोन हैक और क्लोन करने का CJP नेता को शक
सौरव दास ने दावा किया कि पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से उनके फोन जब्त किए। उन्होंने जब्ती ज्ञापन मांगा, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने इसे देने से इनकार कर दिया। दास ने आशंका जताई कि उनके फोन हैक या क्लोन किए गए हो सकते हैं और उनमें सबूत भी डाले गए हों। उन्होंने कहा कि फोन 24 घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस के पास रहे और उन्हें जब्ती से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिया गया। हालांकि, फोन हैक या क्लोन किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
दास ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही बताया। सीजेपी और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आशुतोष रांका ने मोदी-शाह पर साधा निशाना
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने रिहाई के दौरान लगाई गई उस शर्त पर सवाल उठाए, जिसके तहत उन्हें एक साल तक शांति भंग करने वाला कोई काम नहीं करने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस ही शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार हैं। रांका ने कहा, "केवल मोदी, शाह और दिल्ली पुलिस ही शांति भंग कर रहे हैं। हम सिर्फ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं।"
CJP का आरोप- पुलिस ने परिवारों को धमकाया
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और उनके परिवारों को परेशान किया। उनके मुताबिक, शुक्रवार रात से शनिवार तक पुलिस अधिकारियों ने स्वयंसेवकों के घरों का दौरा किया और उनके माता-पिता को धमकाया। सिंह ने सरकार को 'डरा हुआ' बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है।
रत्ना सिंह का दावा- IB ने किया पीछा
रत्ना सिंह ने दावा किया कि दिल्ली पहुंचने के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों ने उनका पीछा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया, जैसे वह कोई अपराधी हों। सीजेपी नेताओं ने हिरासत के दौरान अधिकारों के कथित उल्लंघन, फोन जब्त करने और परिवारों को परेशान करने के आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि वह मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

