सीएम मोहन यादव ने मल्हारगढ़ में 1.17 लाख किसानों को 200 करोड़ भावांतर राशि दी, मंदसौर को विकास सौगातें दीं, वीरता सम्मान में नियुक्ति पत्र सौंपा और सरसों-मूंगफली को योजना में शामिल करने व ढाई लाख नौकरियों का ऐलान किया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान हर मौसम में अपनी फसल और खेत की चिंता में लगे रहते हैं। फसल अच्छी हो तो खुशहाली आती है, लेकिन बीमारी, कीट या ओला-पाला से नुकसान हो जाए तो पूरा साल प्रभावित हो जाता है। अब सरकार किसानों को ऐसी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और सरकार हर मुश्किल में उनकी ढाल बनकर खड़ी है। किसान हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और परंपरा का आधार हैं। उनका जीवन बेहतर बनाना और उनके घर-खेतों में समृद्धि लाना ही सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना किसानों के परिश्रम का सम्मान है और उनकी आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम है।

मल्हारगढ़ अन्नदाता सम्मान समारोह में 200 करोड़ का भुगतान

मुख्यमंत्री गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सिंगल क्लिक के जरिए भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये अंतरित किए। योजना की शुरुआत से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को कुल 1500 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रुपये की राशि मिली। मुख्यमंत्री ने मंच से जिले के इन पांच किसानों को प्रतीकात्मक चेक सौंपे-

  • श्री रघुवीर सिंह (95 हजार)
  • श्री मुकेश पाटीदार (73 हजार)
  • श्री ओमकार सिंह (64 हजार)
  • श्री रामदयाल
  • श्री जगदीशचंद्र पाटीदार

वीरता को सलाम: मनोहर सिंह चौहान के पुत्र को नियुक्ति

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संवेदनशील पक्ष भी सामने आया। मल्हारगढ़ में एक दुर्घटना के दौरान चार लोगों की जान बचाते हुए शहीद हुए स्वर्गीय श्री मनोहर सिंह चौहान के पुत्र श्री संजय सिंह को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे शौर्य का सम्मान बताया।

उन्होंने कहा कि 40 वर्षीय मनोहर सिंह ने डूबती कार से चार लोगों को बचाया, लेकिन स्वयं अपनी जान गंवा बैठे। उनके 22 वर्षीय पुत्र को विशेष प्रकरण में पुलिस आरक्षक (जीडी) पद पर नियुक्ति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता और साहस का सम्मान करना समाज का कर्तव्य है।

मंदसौर को मिली करोड़ों की विकास सौगात

मुख्यमंत्री ने मंदसौर जिले के लिए कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। मल्हारगढ़ क्षेत्र में 57.91 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाईओवर और पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अंडरब्रिज का भूमि-पूजन किया गया। साथ ही 2.06 करोड़ रुपये लागत से बने रेलवे अंडरपास का लोकार्पण हुआ।

मुख्यमंत्री ने पिपलियामंडी में नया फ्लाईओवर, भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार और काका गाडगिल सागर डेम को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मंदसौरवासियों को 25 करोड़ रुपये की लागत से बने भगवान पशुपतिनाथ लोक की भी सौगात मिली है।

मध्यप्रदेश: भावांतर योजना लागू करने वाला पहला राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने सरकारी व्यवस्था से भावांतर भुगतान योजना लागू की। इससे सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। अब सरकार सरसों और मूंगफली को भी योजना के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने और मेहनत से है। सरकार हर अन्नदाता को उसकी उपज का पूरा मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि आधारित उद्योग और वैल्यू एडिशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि कल्याण वर्ष-2026 के तहत किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ा जा रहा है। अब किसान अपनी उपज की प्रोसेसिंग कर अधिक लाभ कमा सकेंगे। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।

अगले पांच साल में ढाई लाख नई नौकरियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था, जिसमें से 60 हजार भर्तियां पूरी हो चुकी हैं। आने वाले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख नई नौकरियां दी जाएंगी।