केंद्रीय सड़क विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य सड़क निधि समिति की बैठक हुई। बैठक में 2025-26 की कार्ययोजना, नई तकनीक, सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग रोकने और समयबद्ध निर्माण पर जोर दिया गया।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधाओं की बुनियाद हैं। इसलिए सभी संबंधित विभाग सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुराने और लंबित कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रहने चाहिए।

2025-26 की कार्ययोजना और बजट प्रावधानों की समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसका अनुमोदन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, विभागों को शुरुआत से ही हेड-वाइज बजट आवंटन तय करने और आवश्यक आंतरिक संशोधनों को समय रहते स्वीकृत कराने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

सड़क निर्माण में नई तकनीक और नवाचार पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। कम लागत में अधिक टिकाऊ और लंबी उम्र वाली सड़कों के निर्माण के लिए नए प्रयोग अपनाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना का परिणाम तय समयसीमा में जमीन पर दिखना चाहिए।

सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ओवरलोड ट्रक और डंपरों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही भारी वाहनों के चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने को कहा, ताकि थकान और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सड़क निर्माण और रखरखाव के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

नियमित बैठकों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोर

मुख्यमंत्री ने समिति को निर्देश दिया कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम दो बार बैठक आयोजित की जाए, जिससे कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव केवल जनप्रतिनिधियों से प्राप्त किए जाएं, ताकि योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुरूप बन सकें।

ओवरलोडिंग, पार्किंग और सड़क मरम्मत पर विशेष फोकस

बैठक में ओवरलोड वाहनों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और स्थानीय निकायों की व्यवस्था के अनुसार पार्किंग सुनिश्चित कराने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत और नए निर्माण कार्य पारदर्शी हों, गुणवत्ता से समझौता न हो और जनता को वास्तविक राहत मिले।

यूपी की सड़क व्यवस्था में दिखेगी बड़ी प्रगति

मुख्यमंत्री योगी ने विश्वास जताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को समय पर पूरा कर उत्तर प्रदेश की सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय सुधार और मजबूती देखने को मिलेगी।