सिंगापुर में ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल एस मॉडल को निवेश की गारंटी बताते हुए 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का रोडमैप पेश किया। जेवर में सिंगापुर सिटी, एमओयू और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर जोर दिया गया।

सिंगापुर/लखनऊ। सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन आयोजित ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘ट्रिपल एस’ मॉडल- सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) की धरती बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में राज्य ने सुरक्षा का मजबूत माहौल दिया है। साथ ही स्केल को स्किल और स्पीड के साथ जोड़कर विकास का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के साथ उत्तर प्रदेश ने भारत के ट्रांसफॉर्मेशन में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में यूपी 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएगा।

जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित करने की योजना

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पास एक डेडिकेटेड “सिंगापुर सिटी” विकसित करने की योजना बनाई गई है। यदि सिंगापुर के निवेशक एनसीआर क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनके लिए विशेष रूप से नियोजित शहर की अवधारणा पर काम हो रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि की व्यवस्था की गई है, ताकि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी रहेगा।

GIC, Temasek और Blackstone सहित शीर्ष कंपनियों से चर्चा

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर विजिट के दौरान जीआईसी (GIC), टेमासेक (Temasek), सैट्स, जीएसएस ग्रीन्स और ब्लैकस्टोन जैसी प्रमुख कंपनियों के चेयरमैन और सीईओ से विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ कई चरणों में सार्थक बैठकें हुईं। यह देखकर खुशी हुई कि हर इंडस्ट्री लीडर आज उत्तर प्रदेश को भारत में निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में देख रहा है। यूपी अब देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन और सबसे सुरक्षित निवेश गंतव्य बन चुका है।

पोटेंशियल से परफॉर्मेंस तक: यूपी की आर्थिक प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो विकास किया, उसी विजन को उत्तर प्रदेश में लागू किया गया। प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल’ से ‘लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ तक की सफल यात्रा तय की है। पिछले 9 वर्षों में यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रही है। प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है और भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान करीब 9.5 प्रतिशत है। प्रदेश डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रथम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर और डी-क्रिमिनलाइजेशन में अग्रणी है। 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों से यूपी रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है।

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और 75,000 एकड़ लैंड बैंक

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। भारत के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश में 16,000 किमी लंबा रेलवे नेटवर्क, 7 शहरों में मेट्रो, 16 एयरपोर्ट (4 अंतरराष्ट्रीय) और जल्द शुरू होने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत बनाते हैं।

वाराणसी से हल्दिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग भी संचालित है। पिछले 9 वर्षों में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो गई है। देश की 11 प्रतिशत कृषि भूमि के बावजूद 21 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन यूपी में होता है, इसलिए इसे ‘फूड बास्केट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।

स्किल्ड मैनपावर और MSME की ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में निवेश आसान है क्योंकि यहां प्रशिक्षित मैनपावर उपलब्ध है। 25 करोड़ आबादी में 56 प्रतिशत से अधिक कार्यशील जनसंख्या है। राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही हैं। स्किल डेवलपमेंट, लेबर रिफॉर्म और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया गया है।

सिंगल विंडो सिस्टम और पारदर्शी नीतियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘निवेश मित्र’, ‘निवेश सारथी’ और ‘उद्यमी मित्र’ पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अप्रूवल और ऑनलाइन डीबीटी इंसेंटिव की सुविधा दी जा रही है। 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसीज लागू हैं। एफडीआई और फॉर्च्यून-500 कंपनियों के लिए विशेष नीति बनाई गई है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। ब्लू प्लैनेट के साथ इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना, एसी एविएशन प्रा. लि. के साथ एमआरओ और हेलिकॉप्टर पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, गायत्री चेन एफएनबी एंड एसोसिएट्स के साथ कैटरिंग व हॉस्पिटैलिटी, केएलके वेंचर्स के साथ सोलर पैनल निर्माण और इश्तारा ज्वेलरी एंड माइस्त्रो प्रोडक्शंस के साथ ज्वेलरी व मीडिया प्रोडक्शन सेक्टर में निवेश समझौते हुए। सेम्बकॉर्प, एसआईसीसीआई और मेपलट्री जैसी कंपनियों ने भी निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए।