Vande Mataram Controversy: AICC हेडक्वार्टर में स्वतंत्रता दिवस पर पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर विवाद हुआ था. अब कांग्रेस ने अपनी सभी राज्य इकाइयों को सख्त निर्देश दिया है कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएं.

Congress Vande Mataram: AICC मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर पूरा 'वंदे मातरम' गाए जाने को लेकर हुए विवाद के बाद कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों को एक सख्त निर्देश जारी किया है. हाईकमान ने साफ कहा है कि पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाने चाहिए. यह फैसला स्वतंत्रता दिवस पर हुए विवाद के बाद लिया गया है.

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस के रुख के खिलाफ जाकर पूरा वंदे मातरम गा दिया गया था, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया. एक वीडियो में यह भी दिखा कि मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी समेत कई बड़े नेता गायकों को रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन गायन जारी रहा. सोनिया और खरगे इस पर अपनी नाराजगी भी जताते दिखे.

हैरानी की बात यह है कि पूरा वंदे मातरम गाने वाला गायकों का ग्रुप खुद AICC ने ही बुलाया था. आमतौर पर हर साल स्वतंत्रता दिवस पर AICC मुख्यालय में सिर्फ दो अंतरे ही गाए जाते हैं. लेकिन इस बार दो अंतरे खत्म होने के बाद भी गायन नहीं रुका. हालांकि, इस विवाद में सेवा दल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी सेवा दल अध्यक्ष पी.वी. श्रीनिवासन और पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई पर थी. सेवा दल नेतृत्व ने इस मामले पर हाईकमान को मौखिक तौर पर सफाई दी है.

सफाई में कहा गया है कि बी.वी. श्रीनिवास को अध्यक्ष बने सिर्फ दो महीने हुए हैं और उन्हें इस प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं थी. नेताओं ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम होने की वजह से यह कन्फ्यूजन था कि शायद पूरा गीत गाना पड़ सकता है. यह मामला सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं था. कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भी पूरा वंदे मातरम गाया गया. कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में भी पूरा राष्ट्रगीत गाया गया था. इन्हीं घटनाओं के बाद पार्टी ने अब यह सख्त निर्देश जारी किया है.