Congress Rally Delhi: व्यापारियों और बीजेपी के विरोध के बावजूद कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली में 10 लाख लोगों के साथ महारैली करने की तैयारी में है। राहुल गांधी के विदेश से लौटते ही विपक्ष अपना आंदोलन और तेज करेगा। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक मुकदमा भी चलाया जाएगा।

Impeachment of Chief Election Commissioner: दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी के विरोध और व्यापारियों की ओर से रैली टालने की मांग के बावजूद कांग्रेस अपने फैसले पर कायम है। पार्टी इस महारैली के जरिए विपक्षी एकजुटता और अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है। इसके लिए करीब 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने की योजना बनाई जा रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गठबंधन के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को पत्र लिखकर 30 अक्टूबर से दिल्ली में मौजूद रहने को कहा है। वहीं, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (सीटीआई) की ओर से रैली स्थगित करने की मांग को कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किया है। व्यापारियों ने त्योहारों के दौरान प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।

30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक मुकदमा

महारैली से पहले 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक मुकदमा चलाने की योजना है। इस कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीशों के भी शामिल होने की बात कही गई है। इसके अलावा, संसद के शीतकालीन सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का नोटिस लाने की तैयारी का दावा किया जा रहा है।

विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर अपने विरोध को आगे बढ़ाना चाहता है। हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रमों और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

सिख दंगों की बरसी को लेकर बीजेपी ने उठाए सवाल

कांग्रेस की महारैली को लेकर बीजेपी लगातार हमलावर है। बीजेपी का आरोप है कि सिख दंगों की बरसी के दिन रैली आयोजित करने का फैसला सिख समुदाय की भावनाओं को आहत कर सकता है। पार्टी इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

दूसरी ओर, विपक्ष आलोचनाओं के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं है। कांग्रेस की रणनीति रैली के जरिए अपने समर्थकों को एकजुट करने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की है।

राहुल गांधी की वापसी के बाद आंदोलन पर बड़ा फैसला

विपक्ष अब विरोध प्रदर्शन के अगले चरण की तैयारी में जुटा है। राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर बड़े फैसले लिए जाने की बात कही जा रही है।

त्योहारी सीजन में सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों से व्यापार प्रभावित होने की व्यापारियों की शिकायतों के बीच विपक्ष विरोध के नए तरीके अपनाने पर भी विचार कर रहा है। ऐसे में 1 नवंबर की महारैली कांग्रेस के लिए राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ विपक्षी एकजुटता की परीक्षा भी मानी जा रही है।