ये चमत्कार कैसे हो गया! BJP-कांग्रेस में गठबंधन लेकिन...
महाराष्ट्र की अंबरनाथ नगर परिषद में हुआ बीजेपी-कांग्रेस का गठबंधन कुछ ही समय में टूट गया। इसके टूटने से दोनों ही पार्टियों की जमकर किरकिरी हो रही है। इसी बीच, कांग्रेस ने बुधवार को अंबरनाथ में अपनी लोकल लीडरशिप के 12 लोगों को सस्पेंड कर दिया।

कांग्रेस ने ये फैसला तब किया, जब पार्टी के पार्षदों ने म्युनिसिपल काउंसिल की लीडरशिप बनाने के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया था। इससे महाराष्ट्र में कांग्रेस की जमकर किरकिरी हो रही थी।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के वाइस प्रेसिडेंट गणेश पाटिल ने अंबरनाथ कांग्रेस ब्लॉक प्रेसिडेंट प्रदीप पाटिल को चिट्ठी लिखकर बताया है कि राज्य लीडरशिप की जानकारी या मंजूरी के बिना BJP के साथ गठबंधन करने के लिए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है।
MPCC के वाइस प्रेसिडेंट गणेश पाटिल ने चिट्ठी में कहा, "यह अच्छी बात नहीं है, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देशानुसार आपको पार्टी से सस्पेंड किया जा रहा है।" लेटर में गणेश पाटिल ने कहा कि कांग्रेस ने नगर पालिका चुनाव अपने सिंबल पर लड़ा था और अंबरनाथ नगर परिषद में 12 सीटें जीती थीं, लेकिन बीजेपी के साथ हाथ मिलाने का फैसला मीडिया रिपोर्ट्स से ही सामने आया।
इस कदम को नामंजूर बताते हुए गणेश पाटिल ने कहा कि यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर की गई है। चिट्ठी में लिखा गया, "हमने कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ा और 12 सीटें जीतीं। हालांकि, राज्य लीडरशिप को बिना बताए कुछ नेताओं ने BJP के साथ गठबंधन कर लिया, जो अच्छी बात नहीं। यही वजह है कि आपको पार्टी से सस्पेंड किया जा रहा है।"
यह डिसिप्लिनरी एक्शन दो नगर परिषदों ठाणे जिले के अंबरनाथ और अकोला जिले के अकोट में BJP द्वारा विरोधी पार्टियों के साथ चुनाव के बाद किए गए गठबंधन को लेकर विवाद के बीच हुआ है। अंबरनाथ में BJP ने 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर नगर निकाय की लीडरशिप बनाई, जबकि सहयोगी शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, फिर भी उसे किनारे कर दिया गया।
इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गठबंधन को खारिज कर दिया और इसमें शामिल बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। बता दें कि 60 सदस्यों वाली अंबरनाथ नगर परिषद में, शिवसेना ने 27 सीटें, बीजेपी ने 14, कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने 4 और दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

