पश्चिम बंगाल में तृणमूल के बागी गुट में फूट की खबरें हैं। ममता खेमे का दावा है कि कई विधायक ऋतब्रत बनर्जी का साथ छोड़कर वापस लौटना चाहते हैं। वहीं, ऋतब्रत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक मनोवैज्ञानिक लड़ाई बताया है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर अलग गुट बनाने वाले ऋतब्रत बनर्जी के कैंप में अंदरूनी कलह और फूट की खबरें हैं। ममता बनर्जी के वफादार नेताओं का दावा है कि बागी खेमे में सब कुछ ठीक नहीं है। यह दावा तब सामने आया जब हाल ही में बंगाल विधानसभा में बिलों पर वोटिंग के दौरान बागी गुट में मतभेद साफ दिखा। बेलेघाटा से तृणमूल विधायक और ममता के करीबी कुणाल घोष ने दावा किया कि कई बागी विधायक ऋतब्रत का साथ छोड़कर ममता के खेमे में लौटने की तैयारी में हैं।

कुणाल घोष ने कहा, "ऋतब्रत बनर्जी ने कई विधायकों को पुलिस की प्रताड़ना और केस-मुकदमों से बचाने का वादा करके अपने साथ जोड़ा था। लेकिन जिनके खून में असली तृणमूल है, वे इस धोखे को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि यह बात गौर करने वाली है कि जब मैंने विधानसभा में ऋतब्रत पर हमला बोला, तो उनके अपने कैंप का एक भी विधायक उनके समर्थन में खड़ा नहीं हुआ।
हालांकि, विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने इसे ममता खेमे की एक मनोवैज्ञानिक लड़ाई बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यह हारे हुए लोगों की बौखलाहट है।" बागी गुट के चीफ व्हिप अख़रुज़्ज़मान ने भी साफ किया, "कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) में पार्टी के साथ कुछ लोग सिर्फ इसलिए बचे हुए हैं, क्योंकि हमने अभी तक अपने दरवाज़े पूरी तरह से नहीं खोले हैं।" इस बीच, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्ष विधानसभा के अंदर भी आपस में लड़ रहा है और तृणमूल पूरी तरह से बिखर चुकी है।
