अचानक थम गई दिल्ली की लाइफलाइन! जंतर-मंतर पर मचे कोहराम और आधी रात के बवाल के बाद 16 मेट्रो स्टेशन बंद, चप्पे-चप्पे पर CRPF तैनात। क्या टल गया है कोई बहुत बड़ा खतरा?
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त एक अभूतपूर्व सुरक्षा संकट से गुजर रही है। जंतर-मंतर पर शुरू हुआ छात्रों और प्रदर्शनकारियों का आंदोलन अब एक बेहद हिंसक और अनियंत्रित मोड़ ले चुका है। सोमवार को हुए संसद मार्च के बाद, मंगलवार की पूरी रात कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के वीवीआईपी इलाकों में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। स्थिति की गंभीरता और सुरक्षा व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने के खतरे को देखते हुए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक आपातकालीन और बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली मेट्रो के 16 प्रमुख स्टेशनों को अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिसने पूरी दिल्ली में एक सनसनी फैला दी है।
आधी रात का तांडव: कनॉट प्लेस में उपद्रव और वो खौफनाक रात
जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहा धरना सोमवार को उस वक्त हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश की। लेकिन सस्पेंस और दहशत का माहौल तब और गहरा गया जब मंगलवार की रात को अचानक उपद्रवियों की भीड़ ने दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) और जंतर-मंतर के आस-पास की सड़कों को बंधक बना लिया। वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी और सुरक्षाबलों पर पथराव की घटनाओं ने खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर डाल दिया। अफवाहों और अफरातफरी के बीच, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान की लिंचिंग की खौफनाक कोशिश का वीडियो सामने आने के बाद गृह मंत्रालय तुरंत एक्शन में आया। इस भारी उपद्रव को दबाने और प्रदर्शनकारियों को एक जगह से दूसरी जगह जुटने से रोकने के लिए मेट्रो नेटवर्क को आंशिक रूप से ठप करने का यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।
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किन 16 स्टेशनों पर लगा ताला? बंद हुए ये 16 लाइफलाइन स्टेशन
DMRC द्वारा जारी की गई सूची ने रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के होश उड़ा दिए हैं। दिल्ली के सबसे व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों के इन 16 स्टेशनों पर अब अगले आदेश तक सन्नाटा पसरा रहेगा:
- लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास का इलाका)
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- केन्द्रीय सचिवालय
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
यात्रियों के लिए एकमात्र राहत की खबर यह है कि राजीव चौक और केन्द्रीय सचिवालय (Central Secretariat) स्टेशनों के भीतर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी, लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या नए यात्रियों के भीतर प्रवेश करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
CRPF का गुप्त डिप्लॉयमेंट: क्या किसी बड़े इनपुट के बाद लिया गया फैसला?
मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के तुरंत बाद, दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टुकड़ियों ने कमान संभाल ली है। संसद मार्ग की तरफ जाने वाले हर रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया गया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के भीतर जिस तरह प्रदर्शनकारी अचानक जमा हो गए थे और अफरा-तफरी मची थी, उसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी।
अब किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, पटेल चौक और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन के बाहर और भीतर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही है। यह भारी सुरक्षा घेरा इस बात का साफ संकेत है कि दिल्ली पुलिस इस बार उपद्रवियों के खिलाफ एक बड़े और निर्णायक एक्शन की तैयारी में है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, राजधानी के लोगों को इस भारी नाकेबंदी का सामना करना पड़ेगा।
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