Church Street Pub Raid: बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट पर स्थित 'पेग एंड बॉटल्स' पब में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की छापेमारी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. किचन से मरे हुए कॉकरोच, एक्सपायर हो चुकी क्रीम और सड़े हुए मशरूम बरामद हुए हैं.
Bengaluru Food Safety Raid: बेंगलुरु की चर्च स्ट्रीट स्थित एक पब में खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक जांच के दौरान कथित तौर पर कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों की टीम जब 'पेग एंड बॉटल्स' के किचन और स्टोरेज एरिया की जांच करने पहुंची, तो वहां साफ-सफाई को लेकर लापरवाही के मामले सामने आए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर मरे हुए कॉकरोच मिले।
किचन में मिले मरे हुए कॉकरोच
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पब के किचन का निरीक्षण किया तो वहां स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली स्थिति सामने आई। जांच के दौरान मरे हुए कॉकरोच मिलने की बात कही गई है। इससे खाद्य सामग्री रखने और किचन की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
फ्रिज में सड़ा मशरूम और एक्सपायर्ड क्रीम
अधिकारियों ने किचन के अलावा फ्रिज और स्टोरेज एरिया की भी जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां सड़े हुए मशरूम और एक्सपायरी डेट पार कर चुकी क्रीम मिली। इसके अलावा कुछ अन्य खाद्य सामग्री भी कथित तौर पर खराब हालत में पाई गई, जिनसे दुर्गंध आने की बात सामने आई है।
खाद्य सुरक्षा के लिहाज से ऐसी सामग्री का इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, इन खाद्य पदार्थों का वास्तव में ग्राहकों को परोसे जाने में इस्तेमाल हुआ था या नहीं, यह जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
स्टार होटलों के बाद अब पब-रेस्टोरेंट्स की जांच
बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा को लेकर अधिकारियों की कार्रवाई लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। इससे पहले शहर के कुछ बड़े होटल और रेस्टोरेंट भी खाद्य सुरक्षा जांच के दायरे में आए थे। अब विभाग ने लोकप्रिय पब और रेस्टोरेंट्स में भी निरीक्षण शुरू किया है।
चर्च स्ट्रीट के पब में कार्रवाई से बढ़ी चिंता
चर्च स्ट्रीट बेंगलुरु के प्रमुख मनोरंजन और फूड हब में गिनी जाती है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे इलाके के लोकप्रिय पब में कथित तौर पर खराब और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल, अधिकारियों की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
