China Typhoon Dolphin: चीन के पूर्वी तट पर शक्तिशाली तूफान 'डॉल्फिन' ने भारी तबाही मचाई है। 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के चलते 10 लाख से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और 1000 से ज़्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं।

China Typhoon News: रविवार का दिन चीन के पूर्वी तट के लिए बड़ी आफ़त लेकर आया। 'डॉल्फिन' नाम का एक शक्तिशाली तूफ़ान 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से घनी आबादी वाले इस इलाक़े से टकराया। तूफ़ान की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा और बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू किया गया।

चीन में रेड अलर्ट, 10 लाख लोग सुरक्षित ठिकानों पर

तूफ़ान के ख़तरे को देखते हुए चीनी मौसम विभाग ने देश का सर्वोच्च चेतावनी स्तर, यानी 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया। यह अलर्ट तभी जारी किया जाता है जब स्थिति बेहद गंभीर हो और बड़े पैमाने पर जान-माल के नुक़सान की आशंका हो। ज़ाहिर है, प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता था।

इसी रेड अलर्ट के बाद अब तक की सबसे बड़ी निकासियों में से एक को अंजाम दिया गया। प्रभावित इलाक़ों से 10 लाख से भी ज़्यादा लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर बने राहत शिविरों में पहुंचाया गया। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि यह इलाक़ा चीन के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।

यातायात ठप, 1000 से ज़्यादा उड़ानें रद्द

तूफ़ान 'डॉल्फिन' का असर सिर्फ़ ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी देखने को मिला। तेज़ हवाओं और भारी बारिश के ख़तरे के मद्देनज़र, 1000 से ज़्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करने का फ़ैसला लिया गया। इस वजह से हवाई अड्डों पर हज़ारों यात्री फंस गए और यात्रा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

यह क़दम यात्रियों और विमान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। तूफ़ानी मौसम में उड़ान भरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा हो सकता था, इसलिए एहतियातन यह फैसला लेना ज़रूरी था।

असर सिर्फ़ चीन तक ही सीमित नहीं

हालांकि तूफ़ान का केंद्र चीन का पूर्वी तट था, लेकिन इसका असर सिर्फ़ वहीं तक सीमित नहीं रहा। इस शक्तिशाली तूफ़ान की वजह से पड़ोसी देश जापान और ताइवान के मौसम पर भी प्रभाव पड़ा। इन देशों में भी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया था।

कुल मिलाकर, 'डॉल्फिन' ने पूर्वी एशिया में बड़े पैमाने पर उथल-पुथल मचाई। इसने एक बार फिर दिखाया है कि कैसे प्राकृतिक आपदाएं पल भर में लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं और सामान्य जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।