दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (मोहल्ला क्लिनिक) के करीब 1000 डॉक्टरों व कर्मचारियों को 3 महीने से वेतन नहीं मिला है। फंड में देरी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली में पहले मोहल्ला क्लिनिक के नाम से मशहूर रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में काम करने वाले डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स को पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है। उन्हें फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने की तनख्वाह अब तक नहीं दी गई है। जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और सहायकों समेत करीब 1000 कर्मचारी इससे प्रभावित हैं। इसकी वजह फंड जारी होने में देरी और कुछ प्रशासनिक अड़चनों को बताया जा रहा है।

यह भी आरोप है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग के बीच चल रहे विवादों की वजह से यह स्थिति बनी है। सैलरी न मिलने से कई कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास घर का किराया देने और रोजमर्रा के खर्चे चलाने तक के पैसे नहीं हैं। इस मामले को लेकर अधिकारियों को चिट्ठी लिखी गई है, लेकिन कोई साफ जवाब नहीं मिला है। सैलरी रुकने के बावजूद, ज़्यादातर क्लिनिक अभी भी काम कर रहे हैं। हालांकि, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति बनी रही तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। बता दें कि आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में आम लोगों को प्राइमरी हेल्थ सर्विस देने के लिए मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए थे। बाद में इनका नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया गया।
