BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने एंटी पेपर लीक बिल 2026 पर PM मोदी की तारीफ की। जानें 'Clocked It' का मतलब, नए कानून और नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स की पूरी जानकारी।

Anti Paper Leak Bill 2026: मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए युवाओं के बीच पॉपुलर 'Gen Z' शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को सही तरीके से समझा और उसका समाधान निकाला। इसे समझाने के लिए उन्होंने अंग्रेजी के प्रचलित शब्द "Clocked It" का उपयोग किया, जिसका मतलब है किसी बात को पूरी तरह समझ लेना या सही तरीके से पकड़ लेना।

संसद में एंटी पेपर लीक बिल के समर्थन में क्या बोलीं बांसुरी स्वराज?

  • 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पर चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा, "अगर Gen Z की भाषा में कहूं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने इस कानूनी समाधान के जरिए बिल्कुल सही कदम उठाया है।"
  • उन्होंने कहा कि यह संशोधन केवल एक कानून नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम है। उनके मुताबिक इसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी और इसे लाना केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और छात्रों के भविष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रतियोगी परीक्षा में गड़बड़ी का असर सिर्फ एक उम्मीदवार पर नहीं पड़ता, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य और पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर पड़ता है।

क्या है 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026'?

केंद्र सरकार ने Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य है—

  • पेपर लीक के मामलों की समय पर जांच सुनिश्चित करना।
  • संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई करना।
  • मामलों की फास्ट-ट्रैक सुनवाई कराना।
  • दोषियों को सख्त कानूनी सजा दिलाना।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाना।

सरकार का कहना है कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में अहम कदम है।

PM मोदी ने हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे। सरकार के अनुसार, इस समिति का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और भरोसेमंद बनाना है।

छात्रों को वीडियो संदेश में PM मोदी ने क्या कहा?

छात्रों को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कई कदम उठा चुकी है। उन्होंने बताया कि—

  • पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
  • दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों का जल्द निपटारा करने की दिशा में काम हो रहा है।
  • सख्त कानूनी प्रावधानों का प्रस्ताव लाया गया है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र में व्यापक सुधार की जरूरत है।

नंदन नीलेकणि की समिति क्या करेगी?

नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली समिति सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करेगी और तकनीक के बेहतर उपयोग पर सुझाव देगी। समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर काम करेगी—

  • परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल।
  • पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय।
  • परीक्षा आयोजन की दक्षता में सुधार।
  • उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत करना।
  • भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी रोकने के उपाय।

सरकार ने कहा है कि टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद उसके सुझावों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं बांसुरी स्वराज?

बांसुरी स्वराज भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता, वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) और लोकसभा सांसद हैं। वह पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता स्वर्गीय सुषमा स्वराज तथा वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल की बेटी हैं। बांसुरी ने भारत और विदेश में कानून की पढ़ाई की है तथा कानूनी पेशे में लंबे समय तक कार्य किया है। भाजपा की सक्रिय सदस्य रहने के बाद उन्हें पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। बाद में उन्हें नई दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया और वह सांसद चुनी गईं।