Delhi Police Protest: दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया है। ये लोग 3 महिला पत्रकारों के साथ हुई कथित बदसलूकी के खिलाफ FIR की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।
Parliament Street Police Station: दिल्ली में 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे और मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ शिकायत पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
रातभर चला प्रदर्शन, सुबह पुलिस ने लिया हिरासत में
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे सोमवार शाम करीब 6 बजे से मंगलवार सुबह तक संसद मार्ग थाने के बाहर शांतिपूर्वक बैठे थे। उनका आरोप है कि सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल महिला पत्रकारों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी करने के आरोप लगाए। उनका दावा है कि एक महिला, जिसने कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत की है, उसके साथ भी पुलिस ने कथित तौर पर खींचतान और मारपीट की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और दिव्यांग प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित तौर पर बल प्रयोग किया।
3 अक्टूबर की घटना पर क्या है विवाद?
3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने कुछ पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायतें दर्ज कर उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिले की ओर से शिकायतें लेने के बाद मामले को कमला मार्केट स्थित क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है।
शिकायत का स्टेटस जानने पहुंचे थे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे करीब 48 घंटे बाद अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई का स्टेटस जानने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बातचीत के बजाय पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
AISA के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया
इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के पास ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया। ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका विरोध राजधानी में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर था।
बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण तथा कपिल सिब्बल समेत कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। दिल्ली में एक ही दिन दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
