दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के लिए AI स्मार्ट चश्मे इस्तेमाल होंगे। फेशियल रिकॉग्निशन व थर्मल इमेजिंग से लैस ये चश्मे, भीड़ में संदिग्धों को पहचानकर पुलिस डेटाबेस से मिलान करेंगे और सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे।

नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस पर, सुरक्षा बल दिल्ली की सड़कों पर सामान्य चश्मे की जगह AI-आधारित स्मार्ट चश्मा पहनकर गश्त किया। सुरक्षा बल फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग तकनीक वाले AI स्मार्ट चश्मे का इस्तेमाल करेंगे। ये हाई-टेक चश्मे भीड़ में से संदिग्धों को तुरंत पहचानने में मदद करेंगे। दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।

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ये स्मार्ट चश्मे कैसे काम करते हैं?

ये स्मार्ट चश्मे सीधे पुलिस के डेटाबेस से जुड़े होते हैं, जिसमें अपराधियों और निगरानी में रखे गए अन्य व्यक्तियों का रिकॉर्ड होता है। ये चश्मे फील्ड अधिकारियों को दिए गए मोबाइल फोन के साथ मिलकर काम करेंगे। जब किसी व्यक्ति को स्कैन किया जाता है, तो सिस्टम उनके चेहरे के डेटा की तुलना डेटाबेस से करता है। तब कुछ सिग्नल मिलते हैं। अगर ग्रीन सिग्नल मिलता है, तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, रेड अलर्ट पुलिस रिकॉर्ड में शामिल किसी व्यक्ति को चिह्नित करता है। यह व्यवस्था अधिकारियों को तुरंत जानकारी देने में मदद करती है। ये हाई-टेक चश्मे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हाथ से जांच करने की जरूरत को कम करते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम कुछ ही सेकंड में चेहरों का मिलान कर सकता है और सालों में भले ही किसी का हुलिया बदल गया हो, फिर भी यह लोगों की पहचान कर सकता है। पहचान को कुशलता से सत्यापित करने के लिए यह सिस्टम रीयल-टाइम तस्वीरों की तुलना पुरानी तस्वीरों से भी करेगा।

चेहरे की पहचान के अलावा, स्मार्ट चश्मे में थर्मल इमेजिंग तकनीक भी शामिल है। यह फीचर छिपी हुई धातु की वस्तुओं या संभावित हथियारों का पता लगा सकता है। यह सुरक्षा की एक और परत जोड़ता है। ये हाई-टेक चश्मे अधिकारियों को बड़ी भीड़ की अधिक प्रभावी ढंग से निगरानी करने में मदद करेंगे। यह उन क्षेत्रों में विशेष रूप से फायदेमंद होगा जहां पारंपरिक जांच के तरीके नाकाफी हैं।

इस सुरक्षा व्यवस्था में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग, छह-लेयर चेकिंग और तलाशी शामिल है। दिल्ली में FRS वाले कैमरों सहित हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। FRS से लैस मोबाइल गाड़ियां भी विभिन्न स्थानों पर तैनात की जाएंगी। नई दिल्ली के एडिशनल पुलिस कमिश्नर देवेश कुमार महला ने कहा कि दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर मॉक ड्रिल की जा रही है और कुल तैनाती में से 10,000 जवान खास तौर पर दिल्ली में तैनात रहेंगे।