ईरान-इज़रायल संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर इज़रायली मंत्री बेन-गविर और PM नेतन्याहू के भाई की मौत की खबरें झूठी हैं। इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बेन-गविर की वायरल खबर अप्रैल 2024 के एक पुराने कार एक्सीडेंट से जुड़ी है।
अमेरिका और इज़रायल का ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' 11वें दिन में पहुंच गया है। इस दौरान, अमेरिका और इज़रायल की ज्वाइंट फोर्स ने ईरान में भारी तबाही मचाई है। वहीं, इज़रायल में भी काफी नुकसान की खबरें हैं। ईरान ने मिडिल ईस्ट के उन देशों पर भी हमला किया, जिनका इस्तेमाल अमेरिका उसके खिलाफ कर रहा था। इसी बीच, सोशल मीडिया पर ये खबर तेज़ी से फैली कि ईरान के हमले में इज़रायल के नेशनल सिक्योरिटी मंत्री इतामार बेन-गविर और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई इड्डो नेतन्याहू मारे गए हैं। इसके बाद कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर इसे ईरान की जीत बताकर जश्न मनाया जाने लगा। लेकिन, क्या वे सच में मारे गए हैं?
दावा: घर में आग लगने से नेशनल सिक्योरिटी मंत्री की मौत!
वायरल खबरों में दावा किया जा रहा है कि ईरानी हमले के बाद इतामार बेन-गविर के घर में आग लग गई, जिसमें घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। साथ ही, इड्डो नेतन्याहू के भी मारे जाने की खबर फैलाई गई। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौत की खबरें झूठी हैं। तेल अवीव में इतामार बेन-गविर के घर पर हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह, इड्डो नेतन्याहू की मौत पर भी अब तक कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में तो ये भी दावा किया गया कि ईरानी हवाई हमले में लगी चोटों को छिपाने के लिए बेन-गविर के कार एक्सीडेंट की झूठी खबर फैलाई जा रही है। हालांकि, ऐसी कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
कार एक्सीडेंट अप्रैल 2024 का है
अप्रैल 2024 में, इज़रायल के रामल्ला शहर में इतामार बेन-गविर की कार ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हुए एक दूसरी गाड़ी से टकरा गई थी। उस हादसे में बेन-गविर, उनकी बेटी और कार ड्राइवर को मामूली चोटें आई थीं। अब उसी पुरानी खबर को मौजूदा तनाव से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। कुछ दूसरे सोशल मीडिया हैंडल्स पर नेतन्याहू के भाई के मारे जाने का भी दावा किया गया। लेकिन इस मौत की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का हमला
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद, 28 फरवरी से 4 मार्च के बीच ईरान ने इज़रायल पर ज़बरदस्त हवाई हमले किए थे। ACLED के डेटा के मुताबिक, इस दौरान ईरान ने इज़रायल पर 90 से ज़्यादा हमले किए। इन हमलों में करीब 20 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी ने रिपोर्ट किया था कि 500 से ज़्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2000 से ज़्यादा ड्रोन दागे गए। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 40% हमले इज़रायल पर और बाकी मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए थे।


