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तुर्कमान गेट पर आधी रात क्यों उतरे 17 बुलडोज़र? अतिक्रमण, कोर्ट आदेश और बवाल,आखिर क्या-क्या हुआ?
Breaking Delhi Update: तुर्कमान गेट पर फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास कोर्ट के आदेश पर हुई तोड़फोड़ हिंसा में बदल गई। आधी रात, बुलडोज़र, पत्थरबाज़ी और आंसू गैस-क्या यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई थी या इससे बड़ा विवाद?

नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाके में 7 जनवरी की सुबह अचानक हुई डिमोलिशन ड्राइव ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास भारी पुलिस बल, बुलडोज़र, ट्रैफिक डायवर्जन और बाद में हुई पत्थरबाज़ी-इन सबने कई सवाल खड़े कर दिए। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह तोड़फोड़ क्यों ज़रूरी थी और इसे सुबह होने से पहले ही क्यों पूरा किया गया?
आखिर तुर्कमान गेट पर तोड़फोड़ की ज़रूरत क्यों पड़ी?
दिल्ली नगर निगम (MCD) के अनुसार, यह तोड़फोड़ दिल्ली हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद की गई। अदालत ने मस्जिद के आसपास मौजूद अवैध कब्ज़ों और अनधिकृत निर्माण को हटाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि ये ढांचे न सिर्फ गैरकानूनी थे, बल्कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा भी बन सकते थे। यानी यह कार्रवाई किसी दबाव या राजनीतिक फैसले का नतीजा नहीं, बल्कि कानूनी मजबूरी थी।
Breaking | Massive action by Delhi MCD and Police…
In a mid night action, MCD has begun demolishing illegal construction near the Faiz-e-Ilahi Mosque at Turkman Gate, Ramlila maidan using 17 bulldozers.
Protests by muslims escalated into stone-pelting at police, forcing the… pic.twitter.com/O87lL9ndn8— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) January 7, 2026
कार्रवाई सूरज निकलने से पहले ही क्यों पूरी कर ली गई?
अधिकारियों के अनुसार, तोड़फोड़ अभियान को सूरज निकलने से पहले इसलिए शुरू किया गया ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, ट्रैफिक जाम न लगे और किसी बड़े टकराव की आशंका को रोका जा सके। इसी वजह से पुलिस रात में ही इलाके में पहुंच गई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुबह-सुबह कार्रवाई करने का मकसद था कि भीड़ इकट्ठा न हो, ट्रैफिक पर कम असर पड़े और किसी बड़े टकराव की स्थिति न बने। इसी कारण पुलिस रात में ही इलाके में पहुंच गई थी और सूरज निकलने से पहले ऑपरेशन पूरा कर लिया गया।
सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए थे?
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को 9 ज़ोन में बांटा गया था। हर ज़ोन की निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, पहले से अमन कमेटी और स्थानीय लोगों से बैठक और ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग-ये सभी कदम पहले ही उठा लिए गए थे।
VIDEO | Delhi: MCD carries out demolition drive against illegal encroachment near Faiz-e-Elahi mosque, Turkman Gate.#DelhiNews#TurkmanGate
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/wXSFi4lfA9— Press Trust of India (@PTI_News) January 7, 2026
तोड़फोड़ के दौरान अचानक क्या बिगड़ गया?
जब मस्जिद के पास लगभग 17 से 30 बुलडोज़र अवैध ढांचों को गिरा रहे थे, तभी 25-30 लोगों के एक छोटे समूह ने कथित तौर पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। हालात को संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना में 5 पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी फैली लेकिन स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
#WATCH दिल्ली: फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद, तुर्कमान गेट के पास के इलाके की वीडियो, जहां MCD ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर आज सुबह अतिक्रमण हटाया।
ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, सेंट्रल रेंज, मधुर वर्मा ने कहा, "तोड़फोड़ के दौरान, कुछ बदमाशों ने पत्थरबाजी करके गड़बड़ी पैदा करने की… pic.twitter.com/nIrqHQFxWM— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
क्या-क्या ढांचे गिराए गए?
MCD के मुताबिक, अतिक्रमण में शामिल थे:
- सड़क और फुटपाथ के हिस्से
- एक बारात घर
- पार्किंग एरिया
- एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक/डिस्पेंसरी
हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि मस्जिद की मूल 0.195 एकड़ ज़मीन को नहीं छुआ गया।
VIDEO | Delhi: DCP Nidhin Valsan on demolition drive against illegal encroachment near Faiz-e-Elahi mosque, Turkman Gate, says, "About 25-30 people were involved in stone pelting on police teams in which five policemen sustained minor injuries. We had to use tear gas to control… pic.twitter.com/I40xzyWCfQ
— Press Trust of India (@PTI_News) January 7, 2026
इस ज़मीन को लेकर कानूनी विवाद क्या है?
मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी ने दावा किया है कि यह ज़मीन वक्फ प्रॉपर्टी है और वे वक्फ बोर्ड को किराया दे रहे हैं। वहीं MCD का कहना है कि लीज़ से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज़ पेश नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमण हटाना अनिवार्य था। दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD, DDA, PWD, शहरी विकास मंत्रालय और वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किए हैं। सभी पक्षों से चार हफ्तों में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है।
ट्रैफिक डायवर्जन और सख्त चेतावनी क्यों दी गई?
डिमोलिशन के चलते सेंट्रल दिल्ली में सुबह 8 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया। यात्रियों को रामलीला मैदान और आसपास के रास्तों से बचने की सलाह दी गई। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि गलत साइड ड्राइविंग, खतरनाक रफ्तार, नियमों की अनदेखी पर सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि FIR तक दर्ज की जा सकती है।
पत्थरबाज़ी की घटना: क्या बिगड़ सकते थे हालात?
डिमोलिशन के दौरान एक छोटे समूह द्वारा पत्थरबाज़ी की गई, जिसमें पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए। हालांकि पुलिस ने संयम और न्यूनतम बल का इस्तेमाल करते हुए स्थिति को तुरंत काबू में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि अगर सख्ती दिखाई जाती, तो हालात बिगड़ सकते थे, इसलिए शांति बनाए रखना प्राथमिकता रही।

